ब्राह्मण होने के कारण भाजपा सरकार में हत्या का आरोप

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मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर, जब भक्ति और श्रद्धा का माहौल चरम पर होता है, तब 75 वर्षीय वरिष्ठ पुजारी पंडित इंद्रभान द्विवेदी की निर्मम हत्या कर दी गई। यह घटना सिर्फ एक व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि समाज में फैली नफरत और असुरक्षा की गहरी जड़ों को उजागर करती है। विशेष रूप से ब्राह्मण समाज में यह सवाल उठ रहा है कि क्या मध्य प्रदेश सरकार ब्राह्मणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह असमर्थ साबित हो रही है?

घटना का विस्तृत विवरण

सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र में तहसील परिसर स्थित हनुमान मंदिर में पंडित इंद्रभान द्विवेदी पिछले लगभग 30 वर्षों से पुजारी के रूप में सेवा कर रहे थे। वे एक सादगीपूर्ण और धार्मिक जीवन जीते थे, जहां उनकी दिनचर्या पूजा-अर्चना और भक्तों की सेवा से जुड़ी हुई थी।

महाशिवरात्रि के दिन, रविवार (15 फरवरी 2026) की सुबह करीब 8-9 बजे उन्होंने मंदिर में पूजा संपन्न की और अपनी पुरानी बाइक (या मोपेड) से घर की ओर लौट रहे थे।तहसील रोड पर अचानक कामता प्रसाद उर्फ लाला केवट (55 वर्ष) ने उनकी राह रोक ली। आरोपी ने पहले चलती बाइक पर धारदार हथियार (बका या गंडासा) से गर्दन पर जोरदार वार किया, जिससे पुजारी सड़क पर गिर पड़े।

इसके बाद आरोपी ने क्रूरता की पराकाष्ठा पर पहुंचते हुए पुजारी की छाती पर पैर रखकर उन्हें जमीन पर दबाया और गर्दन को पूरी तरह काटने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी ने सीने पर 8-9 बार गहरे वार किए, जिससे नाक भी कट गई और पुजारी की मौके पर ही मौत हो गई। यह वार इतने निर्दयी थे कि घटनास्थल खून से लथपथ हो गया।

आरोपी को ग्रामीणों ने मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर और उसकी मुर्गा-मीट की दुकान को सील कर दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी को ब्राह्मणों और पूजा-पाठ करने वालों से गहरी नफरत थी। वह नास्तिक विचारधारा का था और पहले भी ब्राह्मणों के साथ मारपीट कर चुका था। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वह पूजा करने वालों को परेशान करता रहता था और ब्राह्मण होने की वजह से ही इस हत्या को अंजाम दिया। मृतक के भतीजे धीरेश द्विवेदी ने स्पष्ट कहा कि चाचा की हत्या सिर्फ इसलिए हुई क्योंकि वे ब्राह्मण थे और मंदिर के पुजारी थे।

इलाके में तनाव और आक्रोश

घटना के बाद पूरे कुसमी और सीधी जिले में तनाव फैल गया। ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया, अनशन पर बैठे और आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने तथा फांसी की सजा की मांग की। यदि पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई।

सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा मृतक परिवार से मिले और न्याय का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि दोषियों को “पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा” और कोई नहीं बचेगा। पुलिस जांच जारी है और आरोपी ने अपराध कबूल कर लिया है।यह हत्या तालिबानी क्रूरता की याद दिलाती है, जहां सिर्फ पहचान के आधार पर निर्दोष की जान ले ली गई। समाज में जातीय नफरत का यह जहर कितना गहरा है, यह घटना उसका जीता-जागता सबूत है।

मध्य प्रदेश सरकार ब्राह्मणों की सुरक्षा नहीं कर पा रही है

यह घटना अकेली नहीं है। मध्य प्रदेश में ब्राह्मण समाज लगातार असुरक्षा महसूस कर रहा है। ब्राह्मण होने के कारण या धार्मिक सेवा करने के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। समाज के एक वर्ग में ब्राह्मण-विरोधी भावना को राजनीतिक रूप से बढ़ावा मिलने से यह जहर फैल रहा है।

  • क्या सरकार ब्राह्मणों के लिए विशेष सुरक्षा सुनिश्चित कर पा रही है?
  • मंदिरों और पुजारियों की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं?
  • जातीय नफरत फैलाने वालों पर सख्त कानून क्यों नहीं लागू हो रहा?

ब्राह्मण समाज की मांग है कि ब्राह्मण सुरक्षा अधिनियम जैसे कानून बनाए जाएं, ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगे। अन्यथा, यह सवाल उठेगा कि क्या ब्राह्मणों को राज्य छोड़ना पड़ेगा? या न्याय सिर्फ जाति देखकर मिलेगा?मध्य प्रदेश सरकार को इस घटना से सबक लेना चाहिए।

मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को तत्काल हस्तक्षेप कर ब्राह्मण समाज को सुरक्षा का भरोसा देना चाहिए। अन्यथा, ऐसी घटनाएं समाज में गहरा विद्वेष पैदा करेंगी और शांति भंग होगी।

पंडित इंद्रभान द्विवेदी की आत्मा को शांति मिले। दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि नफरत और क्रूरता की कोई जगह नहीं है।

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RMB News Desk

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