एमएमए गोल्ड मेडलिस्ट खुशबू निषाद को कांग्रेसियों ने दी बधाई, कहा- ‘हौसलों से होती है उड़ान’ – MMA gold medalist Khushboo Nishad

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MMA gold medalist Khushboo Nishad प्रयागराज की बेटी का ऐतिहासिक सम्मान: एमएमए गोल्ड मेडलिस्ट खुशबू निषाद को कांग्रेसियों ने दी बधाई, कहा- ‘हौसलों से होती है उड़ान’

प्रयागराज, 24 दिसंबर 2025: मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) की दुनिया में एक नई सनसनी पैदा करते हुए प्रयागराज की बेटी खुशबू निषाद ने गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ अपने शहर का नाम रोशन किया, बल्कि पूरे देश को गर्व महसूस कराया। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर आज उनके घर जश्न का माहौल छाया रहा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया और कहा कि हौसलों से ही उड़ान भरी जाती है। यह घटना न केवल खेलप्रेमियों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि युवाओं के लिए एक मिसाल भी कायम करती है।

खुशबू निषाद, जो प्रयागराज के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं, ने हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के एमएमए चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। यह उपलब्धि उनके सालों की कड़ी मेहनत, समर्पण और अथक परिश्रम का नतीजा है। उनके घर पर पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने उन्हें माला पहनाकर, बुके भेंट करके और मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस मौके पर वरिष्ठ नेता इरशाद उल्ला ने शेर कहते हुए कहा, “मंजिल उनको मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि खुशबू ने साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।


खुशबू निषाद का सफर: साधारण शुरुआत से स्वर्णिम सफलता तक

खुशबू निषाद का जन्म प्रयागराज के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता एक छोटे व्यवसायी हैं, जबकि मां घर संभालती हैं। बचपन से ही खेलों के प्रति उनकी रुचि रही। स्कूल के दिनों में वे कबड्डी और कुश्ती में हिस्सा लेती रहीं, लेकिन एमएमए की दुनिया में उनका प्रवेश 2018 में हुआ। एक स्थानीय कोच ने उनकी फिटनेस और जज्बे को देखते हुए उन्हें इस खेल की ट्रेनिंग दी। शुरुआती दिनों में आर्थिक तंगी और सामाजिक बाधाओं ने उन्हें घेरा, लेकिन खुशबू ने हार नहीं मानी।

उनकी ट्रेनिंग की कहानी प्रेरणादायक है। रोजाना सुबह 5 बजे उठकर वे 10 किलोमीटर दौड़तीं, उसके बाद जिम में घंटों पसीना बहातीं। एमएमए, जो ब्राजीलियन जिउ-जित्सु, मुए थाई, बॉक्सिंग और रेसलिंग का मिश्रण है, एक बेहद कठिन खेल है। इसमें न केवल शारीरिक ताकत, बल्कि मानसिक मजबूती भी जरूरी होती है। खुशबू ने बताया, “हर गिरावट के बाद उठना ही असली जीत है। मैंने कभी सपने देखना नहीं छोड़ा।” हाल की चैंपियनशिप में उन्होंने फाइनल में अपने प्रतिद्वंद्वी को पहले राउंड में ही सबमिशन से हराया, जो उनके दमदार प्रदर्शन का प्रमाण है।

प्रयागराज जैसे शहर, जहां कुश्ती और कबड्डी पारंपरिक खेल हैं, एमएमए जैसा आधुनिक खेल अपनाना आसान नहीं था। खुशबू ने सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ा। कई लोगों ने कहा कि लड़कियां यह खेल नहीं खेल सकतीं, लेकिन उन्होंने साबित कर दिखाया। उनकी सफलता ने स्थानीय लड़कियों को प्रेरित किया है। अब कई युवतियां उनके अकादमी में ट्रेनिंग ले रही हैं।

कांग्रेस नेताओं का जोरदार स्वागत: प्रेरणा और भविष्य की उम्मीदें

आज दोपहर खुशबू के सरैया स्थित आवास पर कांग्रेस का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। वरिष्ठ नेता इरशाद उल्ला ने नेतृत्व किया। उन्होंने खुशबू को शॉल ओढ़ाई, स्मृति चिन्ह भेंट किया और परिवार को बधाई दी। इरशाद उल्ला ने कहा, “खुशबू ने न केवल प्रयागराज, बल्कि उत्तर प्रदेश और भारत का मान बढ़ाया है। उनके हौसले से लाखों युवा प्रेरित होंगे। हमारी पार्टी हमेशा ऐसे टैलेंट का साथ देती है।” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस युवा शक्ति को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

वसीम उर रहमान (मन्नू) ने बधाई देते हुए कहा, “खुशबू ने गोल्ड मेडल जीतकर प्रयागराज का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कर दिया। यह देश के लिए गर्व का विषय है।” उन्होंने स्थानीय स्तर पर खेल सुविधाओं की मांग की और कहा कि सरकार को खुशबू जैसे खिलाड़ियों को और प्रोत्साहन देना चाहिए। अन्य नेताओं जैसे अयान अकील, उज्ज्वल अरोरा, मोहम्मद असबान और अमन अंसारी ने भी खुशबू की तारीफ की। अयान अकील ने कहा, “यह जीत व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की है।”

कांग्रेस नेताओं ने उम्मीद जताई कि जल्द ही राहुल गांधी या प्रियंका गांधी भी खुशबू से मुलाकात करेंगे। इरशाद उल्ला ने कहा, “राहुल जी युवाओं के संघर्षों को समझते हैं। वे खुशबू को प्रोत्साहित जरूर करेंगे।” यह बयान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कांग्रेस की युवा-केंद्रित छवि को मजबूत करता है।

एमएमए का उदय भारत में: खुशबू की सफलता का व्यापक प्रभाव

मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यूएफसी जैसे अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स के प्रभाव से युवा इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। भारत में सुपर फाइट लीग (एसएफएल) और रोड टू यूएफसी जैसे टूर्नामेंट्स ने इसे बढ़ावा दिया। खुशबू की जीत ने उत्तर प्रदेश को एमएमए मैप पर ला दिया। प्रयागराज में अब एमएमए अकादमियां खुल रही हैं।

खुशबू की सफलता का असर स्थानीय स्तर पर दिख रहा है। उनके कोच ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर में दाखिले 50% बढ़ गए। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को ओलंपिक स्तर पर एमएमए में मजबूत करने के लिए सरकारी समर्थन जरूरी है। वर्तमान में भारत में 5000 से अधिक एमएमए खिलाड़ी सक्रिय हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी है। खुशबू ने कहा, “मैं ओलंपिक में भारत के लिए मेडल लाना चाहती हूं।”

इस जीत से प्रयागराज का खेल परिदृश्य बदल रहा है। शहर, जो संगम नगरी और कुंभ के लिए जाना जाता है, अब खेल हब बनने की ओर अग्रसर है। स्थानीय प्रशासन ने भी खुशबू को सम्मानित करने की घोषणा की है।

सामाजिक संदेश: महिला सशक्तिकरण और खेलों में बराबरी

खुशबू की कहानी महिला सशक्तिकरण की मिसाल है। उत्तर प्रदेश में लड़कियों के लिए खेल एक चुनौती रहा है, लेकिन ऐसी सफलताएं बदलाव ला रही हैं। कांग्रेस नेताओं ने इसे जोर देकर कहा कि सरकार को महिला खिलाड़ियों के लिए विशेष योजनाएं चलानी चाहिए। इरशाद उल्ला ने नोट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं का अभाव है।

प्रयागराज जिले में खेलो इंडिया योजना के तहत कुछ सेंटर खुले हैं, लेकिन रखरखाव की समस्या है। खुशबू ने अपील की, “लड़कियों को मौका दो, वे चांद को भी छू लेंगी।” उनकी सफलता ने निषाद समुदाय को भी गर्वान्वित किया, जो पारंपरिक रूप से मजदूरी से जुड़ा रहा। अब युवा पीढ़ी शिक्षा और खेल की ओर मुड़ रही है।

भविष्य की योजनाएं: अंतरराष्ट्रीय पटल पर धमाल मचाने को तैयार

खुशबू की नजरें अब एशियन एमएमए चैंपियनशिप पर हैं। वे अगले साल यूएफसी ट्रायल्स देना चाहती हैं। उनके कोच ने बताया कि ट्रेनिंग अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की हो गई है। परिवार ने कहा कि वे पूर्ण समर्थन देंगे। कांग्रेस नेताओं ने वादा किया कि पार्टी आर्थिक मदद करेगी।

स्थानीय युवा नेता उज्ज्वल अरोरा ने कहा, “खुशबू जैसी बेटियां देश का भविष्य हैं। हमें उनकी तरह हौसला अपनाना होगा।” मोहम्मद असबान ने सामुदायिक एकता पर जोर दिया। अमन अंसारी ने युवा कांग्रेस के माध्यम से खेल शिविर आयोजित करने का ऐलान किया।

स्थानीय प्रतिक्रियाएं: शहरवासियों का गर्व और जश्न

प्रयागराज के लोग खुशबू पर गर्व कर रहे हैं। बाजारों में उनकी तस्वीरें सजाई गईं। स्कूलों में उनके भाषण आयोजित हो रहे। एक स्थानीय व्यापारी ने कहा, “हमारी बेटी ने नाम कमाया।” पड़ोसी राजेश कुमार ने बताया कि पूरा मोहल्ला जश्न मना रहा।

मेयर ने बधाई संदेश जारी किया। जिला प्रशासन ने नकद पुरस्कार की घोषणा की। खेल विभाग ने उन्हें स्पॉन्सरशिप देने का वादा किया। यह घटना प्रयागराज को खेल नगरी बनाने की दिशा में मील का पत्थर है।

राजनीतिक आयाम: कांग्रेस की रणनीति और युवा अपील

कांग्रेस का यह सम्मान समयबद्ध लगता है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी युवा और महिला वोटरों को लुभा रही। इरशाद उल्ला ने बीजेपी पर निशाना साधा कि वे खेल बजट में कटौती कर रहे। वसीम उर रहमान ने कहा, “कांग्रेस हमेशा टैलेंट के साथ।”

विपक्ष ने इसे राजनीतिकरण बताया, लेकिन समर्थकों ने सराहा। यह घटना पार्टियों के बीच खेल मुद्दे पर बहस छेड़ सकती है।

MMA gold medalist Khushboo Nishad उड़ान जारी रहे

खुशबू निषाद की कहानी साबित करती है कि हौसले से कुछ भी असंभव नहीं। कांग्रेस का सम्मान उनके सफर का नया अध्याय है। प्रयागराज को एक नई पहचान मिली। उम्मीद है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और सफल होंगी। शहरवासी उनकी कामना करते हैं।


Rakesh Pandey

राकेश पांडेय मुख्य संपादक रिलाएबल मीडिया भारत है, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता में 20 वर्षो से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।