प्रयागराज शहर पश्चिमी विधानसभा: जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने बीके सिंह राजू को बनाया प्रत्याशी, भाजपा विधायक पर लगाए गंभीर आरोप
प्रयागराज शहर पश्चिमी विधानसभा: जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने बीके सिंह राजू को बनाया प्रत्याशी, भाजपा विधायक पर लगाए गंभीर आरोप
प्रयागराज, 23 दिसंबर 2025: संगम नगरी प्रयागराज की चर्चित शहर पश्चिमी विधानसभा सीट, जो कभी बाहुबली अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, राजू पाल और फिर पूजा पाल के दबदबे का केंद्र रही, अब एक नई राजनीतिक हलचल का गवाह बन रही है। वर्तमान में इस सीट पर भाजपा के दिग्गज विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह का कब्जा है, लेकिन जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए अपना दांव खेलते हुए अधिवक्ता बीके सिंह राजू को अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित कर दिया। यह घोषणा सिविल लाइन स्थित रोजवुड रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान की गई, जहां पार्टी के महानगर अध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह ने राजू सिंह को शहर पश्चिमी क्षेत्र से टिकट थमाया।
यह निर्णय 21 दिसंबर 2025 को प्रयागराज स्थित पार्टी कार्यालय में हुई संगठनात्मक बैठक में लिया गया था। बैठक में पार्टी की नीतियां, संगठन विस्तार, चुनावी रणनीति और स्थानीय मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। राजू सिंह के सामाजिक कार्यों, जनसंपर्क और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा को देखते हुए सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से उन्हें प्रत्याशी बनाने का फैसला किया। प्रेस वार्ता के दौरान भावी प्रत्याशी राजू सिंह ने मौजूदा भाजपा विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह पर तीखा प्रहार किया और कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।
शहर पश्चिमी सीट का विवादित इतिहास
प्रयागराज शहर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास अपराध, हिंसा और सत्ता के खेलों से भरा पड़ा है। 90 के दशक में यहां बाहुबली अतीक अहमद का राज था, जिन्होंने अपराध की दुनिया से राजनीति में कदम रखा। अतीक के बाद उनके करीबी राजू पाल ने सीट पर कब्जा जमाया, लेकिन 2005 में राजू पाल की हत्या ने पूरे इलाके को हिला दिया। इसके बाद अतीक के भाई अशरफ ने कमान संभाली, लेकिन परिवार पर लगातार आपराधिक मामले दर्ज होते रहे। अतीक और अशरफ दोनों जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे, तो राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने 2017 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और अच्छा प्रदर्शन किया।
हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के सिद्धार्थ नाथ सिंह ने पूजा पाल को करारी शिकस्त दी और सीट पर कब्जा जमा लिया। सिद्धार्थ नाथ सिंह, जो पूर्व में प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, ने विकास के नाम पर वोट हासिल किए। लेकिन विपक्षी दलों का आरोप रहा है कि उनका कार्यकाल विवादों से घिरा रहा। अब जनसत्ता दल लोकतांत्रिक का राजू सिंह इस सीट पर नया विकल्प पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी का दावा है कि राजू सिंह एक साफ-सुथरे छवि वाले अधिवक्ता हैं, जो अपराधी पृष्ठभूमि से कोसों दूर हैं।
प्रेस वार्ता की मुख्य झलकियां
सिविल लाइन के रोजवुड रेस्टोरेंट में हुई प्रेस वार्ता में महानगर अध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह ने कहा, “बीके सिंह राजू हमारे प्रधान महासचिव हैं और प्रयागराज में उनकी सक्रियता जगजाहिर है। वे क्षेत्र की समस्याओं को समझते हैं और इन्हें विधानसभा तक पहुंचाने में सक्षम हैं।” उन्होंने बताया कि संगठनात्मक बैठक में 50 से अधिक पदाधिकारियों ने भाग लिया, जहां आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा हुई।
राजू सिंह ने अपनी बात शुरू करते हुए कहा, “शहर पश्चिमी के लोग भाजपा विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह से बेहद नाराज हैं। वे पांच सालों में विकास के नाम पर खोखले वादे करते रहे, लेकिन सड़कें टूटी हुई हैं, जल निकासी की समस्या जस की तस है और बेरोजगारी चरम पर है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धार्थ नाथ सिंह ने संगम क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ावा देने के बजाय निजी स्वार्थ साधे। “मंत्री रहते उन्होंने बड़े-बड़े प्रोजेक्टों का उद्घाटन किया, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं बदला। प्रयागराज विश्वविद्यालय के छात्रों की समस्याओं पर चुप्पी साधे रहे,” राजू सिंह ने कहा।
राजू सिंह पर भाजपा विधायक के गंभीर आरोप
प्रेस वार्ता का सबसे रोचक हिस्सा तब आया जब राजू सिंह ने सिद्धार्थ नाथ सिंह पर सीधे निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि विधायक ने क्षेत्र में माफिया राज को बढ़ावा दिया है। ” शहर पश्चिमी में भूमाफिया सक्रिय हैं। मिलीभगत से अवैध कब्जे हो रहे हैं। झूंसी और फाफामऊ इलाकों में सैकड़ों एकड़ जमीन पर कब्जा हो चुका है, लेकिन विधायक मौन हैं,” राजू सिंह ने आरोप लगाया।
उन्होंने बेरोजगारी पर भी चुटकी ली। “शहर पश्चिमी में युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। भाजपा सरकार ने ‘योगी मॉडल’ का ढिंढोरा पीटा, लेकिन यहां नौकरियां नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार है। कोविड के दौरान विधायक ने राहत सामग्री वितरण में भेदभाव किया। गरीबों तक मदद नहीं पहुंची।” राजू सिंह ने जल संकट पर भी बात की। “गर्मियों में पानी के लिए तरसते हैं लोग। नाला-नदी का पानी साफ नहीं हो रहा। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने करोड़ों के प्रोजेक्ट स्वीकृत कराए, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं है।”
एक अन्य आरोप में राजू सिंह ने कहा कि विधायक ने संगम स्नान मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर किया। “2025 के कुंभ की तैयारी में लापरवाही बरती गई। भगदड़ जैसी घटनाएं हो सकती हैं।” उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए। “शहर पश्चिमी में अपराध बढ़े हैं। भाजपा विधायक महिला हेल्पलाइन को मजबूत बनाने के वादे भूल गए।” इन आरोपों पर पत्रकारों ने सवाल किए, तो राजू सिंह ने कहा, “सबके पास सबूत हैं। चुनाव में जनता जवाब देगी।”
पार्टी की चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक एक नई उभरती पार्टी है, जो सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर देती है। महानगर अध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि पार्टी प्रयागराज में 500 से अधिक बूथ स्तर पर कार्यकर्ता तैयार कर रही है। “हम भाजपा और सपा दोनों से अलग हैं। हमारा फोकस स्थानीय मुद्दों पर है- बाढ़ प्रभावित इलाकों का विकास, किसानों की आय दोगुनी करना और युवाओं को रोजगार,” उन्होंने कहा।
बैठक में चर्चा हुई कि शहर पश्चिमी में पिछड़े वर्ग, दलित और मुस्लिम वोट बैंक को लक्ष्य बनाया जाएगा। राजू सिंह, जो एक प्रमुख अधिवक्ता हैं, कोर्ट में सामाजिक न्याय के कई केस लड़ चुके हैं। उनकी छवि एक मेहनती नेता की है। पार्टी का दावा है कि वे पूजा पाल के वोट बैंक को तोड़ सकते हैं। कार्यकर्ताओं में उत्साह है। एक कार्यकर्ता ने कहा, “राजू भैया के नेतृत्व में हम भाजपा को हरा देंगे।”
स्थानीय जनसमस्याओं पर फोकस
प्रयागराज शहर पश्चिमी क्षेत्र में कई समस्याएं हैं गंगा-यमुना का प्रदूषण संगम की पवित्रता को प्रभावित कर रहा है। राजू सिंह ने कहा, “हम गंगा सफाई के लिए विशेष अभियान चलाएंगे। किसानों को MSP की गारंटी देंगे।” बेरोजगारी पर उन्होंने स्किल सेंटर खोलने का वादा किया।
शिक्षा के क्षेत्र में प्रयागराज विश्वविद्यालय के छात्र हॉस्टल और परीक्षा व्यवस्था से परेशान हैं। “भाजपा विधायक ने कोई पहल नहीं की,” राजू सिंह ने आरोप लगाया। स्वास्थ्य सेवाओं में भी कमी है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी और दवाओं का अभाव आम शिकायत है। पार्टी ने इन मुद्दों को चुनावी एजेंडे में शामिल किया है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह, विपक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार
प्रत्याशी घोषणा के बाद पार्टी कार्यालय पर कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत हुआ। एक युवा कार्यकर्ता ने कहा, “यह भाजपा के लिए खतरे की घंटी है। सिद्धार्थ नाथ सिंह के आरोपों से वे घबरा जाएंगे।” जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने दावा किया कि यह कदम पार्टी को मजबूत बनाएगा।
भाजपा पक्ष से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सिद्धार्थ नाथ सिंह के समर्थक इन आरोपों को खारिज कर सकते हैं। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह घोषणा 2027 के विधानसभा चुनावों को रोचक बना देगी। पूजा पाल या अन्य दलों के प्रत्याशी भी मैदान में उतर सकते हैं।
भविष्य की संभावनाएं
राजू सिंह की उम्मीदवारी से शहर पश्चिमी में त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबला हो सकता है। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश में है। अगर वे स्थानीय मुद्दों पर प्रचार प्रभावी रखें, तो वोट हिस्सेदारी हासिल कर सकते हैं। प्रयागराज की यह सीट हमेशा से सुर्खियों में रही है, और इस बार भी कुछ वैसा ही होने की उम्मीद है।
राजू सिंह ने अंत में कहा, “जनता ही मेरा टिकट है। हम साफ राजनीति करेंगे।” पार्टी का यह कदम आगामी चुनावों में बड़ा असर डाल सकता है।

राकेश पांडेय मुख्य संपादक रिलाएबल मीडिया भारत है, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता में 20 वर्षो से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

