कल्याण ज्वेलर्स में बड़ा धोखा: 43 ग्राम सोने की कीमत देकर मिला सिर्फ 12 ग्राम सोना, बाकी मोम (वैक्स) से भरा नेकलेस!-Big fraud in Kalyan Jewellers
तिरुवनंतपुरम (केरल), 2025 अपडेट) – Big fraud in Kalyan Jewellers सोने के गहनों में विश्वास का नाम माने जाने वाले कल्याण ज्वेलर्स पर एक बार फिर गंभीर धोखाधड़ी का आरोप लगा है। साल 2013 में खरीदा गया एक भारी-भरकम नेकलेस, जिसे शादी के लिए खरीदा गया था, जब 2018 में बैंक में गिरवी रखने ले जाया गया तो पता चला कि 49.580 ग्राम के इस नेकलेस में असली सोना सिर्फ 12 ग्राम के करीब है और बाकी का वजन मोतियों के अंदर भरे गए वैक्स (मोम) का था!यह मामला केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के कल्याण ज्वेलर्स शोरूम का है, जिसने पूरे देश में सोने के गहनों की शुद्धता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का पूरा विवरण
29 नवंबर 2013 को तिरुवनंतपुरम निवासी एक पिता अपनी बेटी की शादी के लिए कल्याण ज्वेलर्स के स्टेच्यू ब्रांच में गए। उन्होंने एक शानदार डिज़ाइनर नेकलेस पसंद किया। बिल में कुल वजन 49.580 ग्राम लिखा गया था। डिज़ाइनर स्टोन का वजन घटाने के बाद शुद्ध सोने का वजन लगभग 43.500 ग्राम बताया गया। उस समय सोने का भाव करीब ₹2,800 प्रति ग्राम के आसपास था। यानी परिवार ने करीब 12-13 लाख रुपये से ज्यादा की रकम इस एक नेकलेस के लिए चुकाई।परिवार खुश था। बेटी की शादी धूमधाम से हुई। नेकलेस कई साल तक लॉकर में सुरक्षित पड़ा रहा।
2018 में खुला राज
17 मार्च 2018 को परिवार को अचानक पैसे की ज़रूरत पड़ी। उन्होंने सोचा कि इतना भारी नेकलेस गिरवी रख देंगे तो अच्छी रकम मिल जाएगी। वे नेकलेस लेकर एक निजी बैंक पहुंचे। बैंक के आधिकारिक मूल्यांकनकर्ता (certified appraiser) ने जब नेकलेस की जाँच की तो सब हैरान रह गए।रिपोर्ट में लिखा था –
“कुल वजन – 49.580 ग्राम
असली सोने का वजन – मात्र 12.10 ग्राम
बाकी वजन – मोतियों के अंदर भरा गया वैक्स (पैराफिन/मोम)”यानी 43 ग्राम सोने की कीमत देकर परिवार ने सिर्फ 12 ग्राम सोना और 30 ग्राम से ज्यादा मोम खरीदा था!
शोरूम पहुंचे तो मिला यह जवाब – Big fraud in Kalyan Jewellers
परिवार गुस्से में सीधे कल्याण ज्वेलर्स के उस ब्रांच में पहुंचा। वहां के ब्रांच मैनेजर ने बड़ी बेपरवाही से कहा,
“सर, यह तो नॉर्मल प्रैक्टिस है। बड़े-बड़े मोती हॉलो होते हैं, उनमें वजन बढ़ाने के लिए वैक्स भरा जाता है। यह इंडस्ट्री में सभी को पता है।परिवार ने पूछा, “तो यह बात बिल में क्यों नहीं लिखा? ग्राहक को क्यों नहीं बताया गया?”
मैनेजर ने कहा, “हम वापस ले लेंगे। जितना सोना है, आज के रेट से पूरा पैसा दे देंगे।”परिवार ने मना कर दिया। उन्होंने कहा, “हमें वही रकम चाहिए जो 2013 में हमसे ली गई थी, ब्याज समेत। हमने मोम नहीं, सोना खरीदा था।”
पुलिस स्टेशन पहुंचा मामला
परिवार ने तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। FIR दर्ज हुई। चार दिन बाद 21 मार्च 2018 को कल्याण ज्वेलर्स का एक सीनियर स्टाफ पुलिस स्टेशन पहुंचा और समझौता करने की कोशिश की। उसने कहा,
“हम ग्राहक की मांग के मुताबिक 2013 वाली पूरी रकम लौटा देंगे।”परिवार ने फिर मना कर दिया। उनका कहना था – “यह सिर्फ पैसे का मामला नहीं, धोखाधड़ी का मामला है। हम चाहते हैं कि दोषियों पर कार्रवाई हो।”
क्या यह अकेला मामला है?नहीं।
इसी तरह के कई मामले पिछले 10-15 साल में कल्याण ज्वेलर्स के खिलाफ अलग-अलग शहरों में सामने आ चुके हैं।
2022 में हैदराबाद में एक ग्राहक ने कोर्ट में केस किया – 91 ग्राम का सेट सिर्फ 38 ग्राम सोना निकला।
2016 में कोयंबटूर में एक ग्राहक को 22 कैरेट बताया गया मंगलसूत्र 14 कैरेट निकला।
2019 में बेंगलुरु में एक हार में 60% वैक्स निकला।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
प्रसिद्ध ज्वेलरी एक्सपर्ट और पूर्व BIS अधिकारी श्री रमेश नायर कहते हैं,
“बड़े-बड़े मोती अंदर से खोखले करके उसमें वैक्स या रेजिन भरना एक पुरानी धोखाधड़ी है। इससे वजन तो बढ़ जाता है, पर सोना कम रहता है। ग्राहक को बिल में सिर्फ कुल वजन और ‘मेकिंग चार्ज’ दिखाया जाता है। यह धारा 420 के तहत धोखाधड़ी है।”
90% लोग कभी चेक ही नहीं कराते
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि भारत में 90% से 95% लोग सोना खरीदने के बाद कभी उसकी शुद्धता जांच नहीं कराते। वे बिल देखकर खुश हो जाते हैं और लॉकर में बंद कर देते हैं। दस-बीस साल बाद जब बेचने या गिरवी रखने जाते हैं, तब सच सामने आता है। तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
आप खुद को कैसे बचाएं?
- खरीदते समय बिल में स्पष्ट लिखवाएं – “No wax/resin filling in beads”.
- बड़े मोतियों वाले गहनों में हमेशा X-ray जांच करवाएं।
- खरीदने के 7-10 दिन के अंदर किसी स्वतंत्र लैब (जैसे PPG या GIA सर्टिफाइड) से शुद्धता जांच करवाएं।
- मेकिंग चार्ज बहुत ज्यादा (15-20% से ऊपर) हो तो शक करें।
- हमेशा हॉलमार्क गहने ही लें और BIS ऐप से वैरिफाई करें।
आज भी यह प्रथा जारी है
2024-2025 में भी सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए हैं जिसमें बड़े ब्रांड्स के गहनों को काटकर वैक्स निकाला गया। एक वीडियो में तो 120 ग्राम का नेकलेस काटा गया तो अंदर से पूरा सफेद वैक्स निकला – सोना सिर्फ 28 ग्राम था।
यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं है। यह उस विश्वास की कहानी है जो हम बड़े-बड़े ब्रांड्स पर करते हैं। कल्याण ज्वेलर्स हो या कोई और बड़ा नाम – अगर ग्राहक सजग नहीं होगा तभी यह धोखाधड़ी रुकेगी।
अगर आपके पास भी पुराने गहने पड़े हैं, तो एक बार जरूर किसी स्वतंत्र लैब से जांच करवाएं।
हो सकता है आपके लॉकर में भी सोना कम और वैक्स ज्यादा हो!
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अनिल शुक्ला स्पेशल करेस्पोंडेंस रिलाएबल मीडिया भारत बस्ती ,उत्तर प्रदेश है RMB में 10 वर्षो से रहकर पत्रकारिता कर रहे है।

