जमजम ब्रदर्स : दुबई के अमीरों की कहानी, जो गरीबी से अरबपति बने-Jamjam Brothers
Jamjam Brothers: The story of the wealthy brothers from Dubai who rose from poverty to become billionaires.जमजम ब्रदर्स : दुबई के अमीरों की कहानी, जो गरीबी से अरबपति बने
प्रयागराज, 31 दिसंबर 2025: दुबई की चमचमाती इमारतों, लग्जरी कारों और अनगिनत बिजनेस साम्राज्यों के बीच एक नाम जो हमेशा चर्चा में रहता है, वह है जमजम ब्रदर्स। ये दो भाई – अब्दुल्ला अल घुरैर और अब्दुल रज्जाक अल घुरैर – दुबई के सबसे अमीर और प्रभावशाली व्यवसायी हैं। गरीबी से उठकर अरबों डॉलर की संपत्ति कमाने वाली उनकी कहानी प्रेरणा का स्रोत है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनके पीछे कितनी मेहनत, जोखिम और विवाद हैं? इस 3000 शब्दों के विशेष लेख में हम जमजम ब्रदर्स की पूरी कहानी खोलेंगे – उनकी शुरुआत से लेकर दुबई के स्काईलाइन को बदलने तक।
गरीबी की गलियों से निकली शुरुआत: जमजम ब्रदर्स का बचपन
जमजम ब्रदर्स का जन्म संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई में एक साधारण परिवार में हुआ। अब्दुल्ला अल घुरैर का जन्म 1970 के दशक में हुआ, जबकि अब्दुल रज्जाक उनके छोटे भाई हैं। इनके पिता एक छोटे व्यापारी थे, जो मसालों और किराने का कारोबार करते थे। 1970-80 के दशक में दुबई अभी आज जैसा चमकदार शहर नहीं था। यह एक रेगिस्तानी इलाका था, जहां तेल की खोज ने ही समृद्धि की नींव रखी थी।
- परिवार की आर्थिक स्थिति: परिवार गरीब था। भाइयों को बचपन में मजदूरी करनी पड़ी। अब्दुल्ला ने 12 साल की उम्र में चाय की दुकान पर काम शुरू किया।
- शिक्षा की कमी: औपचारिक शिक्षा सीमित रही। लेकिन सड़कों पर सीखे गए जीवन के पाठों ने इन्हें सिखाया कि व्यापार में जोखिम ही सफलता की कुंजी है।
- प्रभाव: इनकी मां ने कड़ी मेहनत का महत्व सिखाया। आज भी भाई अपनी सफलता का श्रेय मां को देते हैं।
1980 के दशक में, जब दुबई में तेल बूम आया, तो कई परिवार अमीर बने। लेकिन जमजम ब्रदर्स ने छोटे स्तर से शुरुआत की। अब्दुल्ला ने 1985 में पहला बिजनेस शुरू किया – एक छोटी सी अल जमजम रेस्तरां। नाम “जमजम” आया कुरान की पवित्र चट्टान से, जो पानी का स्रोत मानी जाती है। यह नाम आज उनके ब्रांड का प्रतीक है।
अल जमजम ग्रुप की स्थापना: चाय से चेन तक का सफर
अल जमजम रेस्तरां चेन की शुरुआत 1985 में हुई। पहला आउटलेट दुबई के बुर दुबई इलाके में खुला। शुरुआत में सिर्फ चाय, मंडी और शावरमा बिकते थे। लेकिन ब्रदर्स की मेहनत ने इसे चेन बना दिया। आज अल जमजम के 200 से ज्यादा आउटलेट्स UAE, सऊदी अरब, कुवैत और अन्य देशों में हैं।
विकास के प्रमुख चरण:
- 1985-1990: छोटे रेस्तरां से विस्तार। रोजाना 500 ग्राहक।
- 1990-2000: फ्रैंचाइजी मॉडल अपनाया। दुबई मॉल में पहला बड़ा आउटलेट।
- 2000-2010: अंतरराष्ट्रीय विस्तार। सऊदी में 50+ ब्रांच।
- 2010 से अब तक: डिजिटल ऑर्डरिंग, डिलीवरी ऐप्स के साथ ग्रोथ। कोविड के दौरान भी 20% बढ़ोतरी।
वित्तीय आंकड़े: 2024 तक अल जमजम ग्रुप की सालाना टर्नओवर 1.5 बिलियन दिरहम (लगभग 400 मिलियन USD)। कर्मचारी संख्या: 10,000+।
लेकिन रेस्तरां ही सब कुछ नहीं। जमजम ब्रदर्स ने विविधीकरण किया। अल जमजम डिस्ट्रीब्यूशन के जरिए वे FMCG प्रोडक्ट्स (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) बेचते हैं – चावल, तेल, मसाले। यह UAE का सबसे बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है, जो 5000+ रिटेल स्टोर्स को सप्लाई करता है।
दुबई के रियल एस्टेट किंग: जमजम टावर्स और लग्जरी प्रोजेक्ट्स
जमजम ब्रदर्स सिर्फ खाने-पीने के व्यापारी नहीं, बल्कि दुबई के स्काईलाइन को बदलने वाले बिल्डर हैं। अल जमजम प्रॉपर्टीज 2005 में शुरू हुई। इन्होंने दुबई में कई आइकॉनिक प्रोजेक्ट्स बनाए:
- जमजम टावर्स: दुबई मरीना में 60 मंजिला इमारत। कीमत: 2 बिलियन दिरहम।
- जमजम गोल्डन टावर: जुमेराह में लग्जरी अपार्टमेंट्स। सेल्स: 100% बुक।
- अन्य प्रोजेक्ट्स: अबू धाबी में रिसॉर्ट्स, शारजाह में कमर्शियल कॉम्प्लेक्स।
सफलता का राज: ब्रदर्स ने स्मार्ट लोकेशन चुने। दुबई के 2020 एक्सपो के दौरान जमजम टावर्स ने 30% प्रॉफिट कमाया। कुल रियल एस्टेट पोर्टफोलियो: 5 बिलियन USD+।
अब्दुल्ला अल घुरैर रियल एस्टेट के विशेषज्ञ हैं। वे कहते हैं, “दुबई सपनों का शहर है, लेकिन सपने पूरे करने के लिए जमीन चाहिए।” वहीं अब्दुल रज्जाक ऑपरेशंस संभालते हैं।
विविध बिजनेस साम्राज्य: FMCG से हॉस्पिटैलिटी तक
जमजम ब्रदर्स का साम्राज्य सिर्फ दो क्षेत्रों तक सीमित नहीं। यहाँ उनके प्रमुख बिजनेस हैं:
1. FMCG और डिस्ट्रीब्यूशन
- ब्रांड्स: जमजम चावल, जमजम ऑयल।
- मार्केट शेयर: UAE में 15%।
- पार्टनरशिप: नेस्ले, कोका-कोला के साथ।
2. हॉस्पिटैलिटी
- जमजम होटल्स: दुबई और अबू धाबी में 5-स्टार प्रॉपर्टी।
- मेहमान: बॉलीवुड स्टार्स जैसे शाहरुख खान विजिट कर चुके।
3. रिटेल और ई-कॉमर्स
- जमजम सुपरमार्केट: 100+ स्टोर्स।
- ऐप: जमजम ऐप से 1 मिलियन+ डाउनलोड्स।
4. नए वेंचर्स
- इलेक्ट्रिक व्हीकल्स: 2025 में EV चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क लॉन्च।
- टेक स्टार्टअप्स: दुबई सिलिकॉन ओएसिस में इनवेस्टमेंट।
कुल संपत्ति: फोर्ब्स 2025 के अनुसार, दोनों भाइयों की नेट वर्थ 8 बिलियन USD+। वे UAE के टॉप 10 अरबपतियों में शुमार हैं।

विवाद और चुनौतियां: सफलता की कीमत
हर बड़ी सफलता के पीछे विवाद होते हैं। जमजम ब्रदर्स भी इससे अछूते नहीं:
- लेबर डिस्प्यूट (2018): रेस्तरां चेन में वर्कर्स ने कम वेतन का आरोप लगाया। कोर्ट में सेटलमेंट।
- टैक्स इश्यू (2020): UAE में कॉर्पोरेट टैक्स लागू होने पर जांच। क्लियर हो गया।
- कॉम्पिटिशन: शाहिया और अल बहर जैसे चेन से मुकाबला। लेकिन जमजम ने क्वालिटी से जीता।
- परिवारिक विवाद: चचेरे भाइयों से बिजनेस डील में झगड़ा (2022)। अब सुलझा।
इन चुनौतियों ने ब्रदर्स को मजबूत बनाया। अब्दुल्ला कहते हैं, “विवाद व्यापार का हिस्सा हैं, लेकिन ईमानदारी अंतिम हथियार।”
सामाजिक योगदान: चैरिटी का राजा
जमजम ब्रदर्स सिर्फ कमाने वाले नहीं, देने वाले भी हैं। अल जमजम फाउंडेशन 2000 में शुरू:
- रमजान में अगरत: हर साल 1 मिलियन भोजन पैकेट्स।
- शिक्षा: गरीब बच्चों के लिए स्कूल। 5000+ छात्र।
- कोविड रिलीफ: 2020 में 100 मिलियन दिरहम दान।
- भारत कनेक्शन: प्रयागराज जैसे शहरों में मस्जिद निर्माण।
2025 में दुबई एक्सपो के दौरान वे ग्लोबल चैरिटी इवेंट होस्ट करेंगे।
भविष्य की योजनाएं: वैश्विक साम्राज्य का विस्तार
2025-2030 का प्लान महत्वाकांक्षी है:
- भारत एंट्री: मुंबई और दिल्ली में रेस्तरां चेन।
- सस्टेनेबिलिटी: ग्रीन बिल्डिंग्स, जीरो वेस्ट किचन।
- IPO: 2027 में अल जमजम ग्रुप का स्टॉक मार्केट लिस्टिंग।
- मेटावर्स: वर्चुअल रेस्तरां लॉन्च।
अब्दुल रज्जाक कहते हैं, “दुबई हमारा घर है, दुनिया हमारा बाजार।”
जमजम ब्रदर्स से सीख: उत्तर भारतीय उद्यमियों के लिए प्रेरणा
उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में छोटे व्यापारी जमजम ब्रदर्स से बहुत कुछ सीख सकते हैं:
- छोटे से शुरू करें: चाय स्टॉल से साम्राज्य।
- विविधीकरण: एक बिजनेस पर निर्भर न रहे
- कम्युनिटी बैक: चैरिटी से ब्रांड लॉयल्टी।
निष्कर्ष: जमजम ब्रदर्स की कहानी साबित करती है कि गरीबी बाधा नहीं, सीढ़ी है। दुबई के ये भाई आज विश्व पटल पर चमक रहे हैं। क्या वे भारत में भी कमाल करेंगे? समय बताएगा।
( स्रोत: फोर्ब्स, UAE न्यूज, ऑफिशियल वेबसाइट। अपडेटेड: 31 दिसंबर 2025)

राकेश पांडेय मुख्य संपादक रिलाएबल मीडिया भारत है, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता में 20 वर्षो से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

