चंदौली: सीएम योगी के एक इशारे पर बदला पूरा सीन, पूर्व सैनिक की बेटी अंजना को मिला अपना घर- Anjana got her own house

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Anjana got her own house.उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए साल 2026 के पहले ही दिन चंदौली की रहने वाली पूर्व सैनिक की बेटी अंजना को न्याय दिला दिया। बलवंत और मनोज नामक दबंगों द्वारा हड़पे गए उसके घर पर मात्र कुछ घंटों में प्रशासन ने कब्जा मुक्त करा लिया। अंजना के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई और उसने सीएम को ‘थैंक्यू योगी अंकल’ कहकर आभार जताया।​

घटना का पूरा विवरण

चंदौली जिले के इंदिरानगर क्षेत्र में रहने वाली अंजना का मामला बेहद मार्मिक है। वह एक पूर्व मेजर की बेटी है, जिन्होंने देश की सेवा की थी। उसके पिता और भाई-बहनों को खोने के बाद अंजना खुद सीजोफ्रेनिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही है और रिहैबिलिटेशन सेंटर में भर्ती है।​

कुछ दिनों पहले चंदौली निवासी बलवंत यादव उर्फ बलवंत और मनोज ने फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर अंजना के करोड़ों रुपये के मकान पर अवैध कब्जा कर लिया। आरोपियों ने न केवल घर पर अपना बोर्ड लगा दिया, बल्कि स्थानीय थाने में 6 दिसंबर को शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंजना की हालत इतनी खराब हो गई कि वह हताश होकर सीएम योगी के पास पहुंची।​

यह घटना तब घटी जब अंजना रिहैब सेंटर से थोड़ी स्वस्थ होकर घर लौटी तो पाया कि उसका आशियाना दबंगों के कब्जे में है। पड़ोसियों के अनुसार, बलवंत और मनोज लंबे समय से भूमाफिया की तरह सक्रिय थे और कमजोरों का घर हड़पने में माहिर। उन्होंने मकान को अपने नाम ट्रांसफर करने की कोशिश भी की, जिससे अंजना की मुश्किलें और बढ़ गईं।​

अंजना की सीएम से मुलाकात

31 दिसंबर 2025 की शाम को अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में व्यक्तिगत मुलाकात की। रिहैब सेंटर से विशेष अनुमति लेकर वहां पहुंची अंजना ने रो-रोकर अपनी व्यथा सुनाई। उसने बताया कि पिता की शहादत के बाद परिवार की इकलौती संपत्ति पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है।​

योगी आदित्यनाथ ने सैनिक बेटी की पीड़ा सुनते ही गंभीरता दिखाई। उन्होंने तुरंत चंदौली के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को फोन पर निर्देश दिए कि मामले की जांच कर कब्जा मुक्त कराया जाए और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो। सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भूमाफिया और दबंगों का कोई स्थान नहीं है, खासकर सैनिक परिवारों के खिलाफ।​

मुलाकात के बाद अंजना ने कहा, “योगी अंकल ने मेरी बात सुनी और तुरंत एक्शन लिया। अब मुझे अपना घर मिल गया है।” यह वाकया सीएम के ‘जनता दरबार’ की ताकत को दर्शाता है, जहां गरीब और पीड़ित सीधे न्याय पाते हैं।​

प्रशासन की फौरन कार्रवाई Anjana got her own house

सीएम के आदेश मिलते ही चंदौली प्रशासन हरकत में आ गया। 1 जनवरी 2026 की सुबह ही पुलिस और तहसील टीम ने संयुक्त रूप से बलवंत और मनोज के कब्जे वाले मकान पर पहुंचकर कब्जा मुक्त करा लिया। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और उनके खिलाफ IPC की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।​

मकान पर लगा बोर्ड हटाया गया और अंजना को कब्जा सौंप दिया गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की सराहना की और कहा कि योगी सरकार में दबंगों की रंगदारी अब इतिहास बन गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों की जांच चल रही है और आरोपी सलाखों के पीछे हैं।​

यह कार्रवाई मात्र 24 घंटे के भीतर पूरी हुई, जो योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का जीता-जागता उदाहरण है। अंजना के रिहैब सेंटर स्टाफ ने भी इस न्याय की सराहना की और कहा कि अब वह मानसिक रूप से मजबूत होगी।​

अंजना का पारिवारिक पृष्ठभूमि

अंजना का परिवार सैन्य पृष्ठभूमि वाला है। उसके पिता एक रिटायर्ड मेजर थे, जिन्होंने भारतीय सेना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पिता के निधन के बाद भाई-बहनों की भी असमय मृत्यु हो गई, जिससे अंजना अकेली रह गई। वह चंदौली के इंदिरानगर में स्थित पारिवारिक मकान पर निर्भर थी।​

बीमारी के कारण अंजना रिहैब सेंटर में इलाजरत है, लेकिन घर की चिंता उसे और परेशान कर रही थी। पड़ोसियों के अनुसार, बलवंत और मनोज ने उसकी कमजोरी का फायदा उठाया। अब न्याय मिलने से परिवार के रिश्तेदार भी खुश हैं।​

योगी सरकार की भूमाफिया नीति

योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पिछले वर्षों में भूमाफियाओं के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की मिसाल कायम की है। चंदौली सहित पूर्वांचल में सैकड़ों अवैध कब्जे हटाए गए हैं। सैनिक परिवारों को प्राथमिकता देने की नीति के तहत यह मामला तेजी से निपटा।​

सीएम ने अतीत में भी अतीक अहमद जैसे माफिया की जमीन पर गरीबों को घर दिलवाए हैं। यह घटना 2026 में उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। विपक्षी दलों ने भी इसकी तारीफ की है।​

स्थानीय प्रभाव और प्रतिक्रियाएं

चंदौली में इस घटना ने सनसनी फैला दी। सोशल मीडिया पर #ThankYouYogiAdityanath ट्रेंड कर रहा है। स्थानीय BJP कार्यकर्ताओं ने सीएम का स्वागत किया। अंजना के पड़ोसी बोले, “योगी जी ने साबित कर दिया कि लखनऊ से गांव तक न्याय पहुंचता है।”​

पुलिस ने चेतावनी दी कि अवैध कब्जे करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह मामला अन्य पीड़ितों के लिए प्रेरणा बनेगा।​

भविष्य की उम्मीदें

अब अंजना अपना घर संवारने की योजना बना रही है। प्रशासन इलाज में भी मदद करेगा। योगी सरकार का यह कदम उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की मिसाल है। नए साल की शुरुआत न्याय से हुई है।​

Anjana got her own house.
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Rakesh Pandey

राकेश पांडेय मुख्य संपादक रिलाएबल मीडिया भारत है, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता में 20 वर्षो से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।