UPSC 2024 इंटरव्यू मार्क्स: आरक्षण धारियों के झूठ का खंडन UPSC 2024 Interview Marks: Debunking reservation lies
UPSC 2024 इंटरव्यू मार्क्स: आरक्षण विरोधी झूठ का खंडन UPSC 2024 Interview Marks: Debunking reservation lies
UPSC 2024 इंटरव्यू मार्क्स: आरक्षण विरोधी झूठ का खंडनUPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा भारत की सबसे कठिन और निष्पक्ष परीक्षाओं में से एक है। हर साल लाखों उम्मीदवार इसमें भाग लेते हैं, और अंतिम चयन लिखित परीक्षा (मेन्स) तथा व्यक्तित्व परीक्षण (इंटरव्यू) के कुल अंकों पर आधारित होता है। इंटरव्यू कुल 275 अंकों का होता है, और इसमें उम्मीदवार की व्यक्तित्व, संचार कौशल, निर्णय क्षमता तथा सामाजिक मुद्दों पर समझ का मूल्यांकन किया जाता है।
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया पर कुछ लोग, जैसे नेत्रपाल जी (@nethrapal), यह दावा फैला रहे हैं कि आरक्षण के कारण आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को इंटरव्यू में जानबूझकर कम अंक दिए जाते हैं, जबकि SC/ST/OBC उम्मीदवारों को कम लाभ मिलता है और सामान्य को ज्यादा लाभ मिलता है,यह दावा पूरी तरह से निराधार और भ्रामक है।
UPSC 2024 के आधिकारिक तथा उपलब्ध आंकड़ों से यह स्पष्ट हो जाता है कि इंटरव्यू में उच्च अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों में SC/ST श्रेणी के उम्मीदवार प्रमुख रूप से शामिल हैं, जो उनकी मेहनत और तैयारी का प्रमाण है।
UPSC की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और मेरिट आधारित है। इंटरव्यू पैनल को उम्मीदवार की श्रेणी की जानकारी नहीं दी जाती, ताकि किसी प्रकार का पूर्वाग्रह न हो। फिर भी, कुछ लोग सामान्य को दोष देकर बेसिर पैर की अफवाह, जैसे पांच हज़ार साल तक पानी ना पीने देना आदि हमला करते हैं।
UPSC 2024 Interview Marks: Debunking reservation lies
@SawarnLivesMtr जैसे अकाउंट द्वारा साझा की गई लिस्टें इसी सच को उजागर करती हैं। 2024 के इंटरव्यू मार्क्स में SC तथा ST श्रेणी के उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया है। उदाहरणस्वरूप:
- SC श्रेणी में: शुभम आनंद ने 210 अंक प्राप्त किए, जो इस वर्ष के सर्वोच्च इंटरव्यू अंकों में से एक है। इसके बाद विपश्यना तनवार तथा विनुथा जी आर ने 206 अंक, शुभम ने 206 अंक हासिल किए। तमिलरासी 201, अभिजीत नवर्तना तथा दीक्षा भोरिया 200 अंक लेकर आगे हैं। निचले स्तर पर भी 193-195 अंक वाले कई उम्मीदवार हैं। यह दिखाता है कि SC उम्मीदवारों ने इंटरव्यू में औसतन उच्च प्रदर्शन किया।
- ST श्रेणी में: पीरजादा एम उमार ने 209 अंक प्राप्त किए, जो बेहद उल्लेखनीय है। अभिषेक मीना तथा दीपक कुमार मीना ने 206 अंक, सैचैतन्य जाधव तथा रिग्जेन अंग्मो ने 205 अंक हासिल किए। अशिष जगरावा 204, बनोथु श्रीनिकेश नाइक 201, टी विजयकुमार तथा इरा जोरवाल 200 अंक लेकर सूची में हैं। सबसे कम 196 अंक वाले उम्मीदवार भी सम्मानजनक स्तर पर हैं।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सैकड़ों SC/ST उम्मीदवारों को 200+ अंक मिले हैं, जो इंटरव्यू की कुल 275 अंकों में बहुत उच्च स्तर है। दूसरी ओर, अनारक्षित श्रेणी के कुछ उदाहरणों में इंटरव्यू अंक अपेक्षाकृत कम (140-150 के आसपास) दिखाए जाते हैं, लेकिन यह व्यक्तिगत प्रदर्शन पर निर्भर करता है, न कि किसी सुनियोजित भेदभाव पर।
UPSC के आधिकारिक मार्कशीट तथा कट-ऑफ से पता चलता है कि अंतिम चयन में ST श्रेणी का कट-ऑफ कई बार SC से भी ऊंचा रहा है, जो आरक्षित उम्मीदवारों की मजबूत तैयारी को दर्शाता है।
यह दावा कि “आरक्षित कैंडिडेट्स को कम मार्क्स दिए जाते हैं” पूरी तरह गलत है।
इंटरव्यू में अंक उम्मीदवार की तैयारी, आत्मविश्वास तथा पैनल के सामने प्रस्तुति पर निर्भर करते हैं। SC/ST उम्मीदवारों का उच्च स्कोर उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है, जो उन्होंने की। आरक्षण का वैसे भी जबरदस्त लाभ प्रारंभिक तथा मेन्स कट-ऑफ में सहायता प्रदान करता है, और इंटरव्यू में भी अधिक नंबर जनरल कैंडिडेट को पूरी तरह बाहर का रास्ता दिखा देता है .
कई आरक्षित उम्मीदवार जनरल कट-ऑफ को पार करके भी चयनित होते हैं।
ऐसे झूठे प्रचार का उद्देश्य सामाजिक विभाजन पैदा करना है। UPSC जैसे संस्थान संविधान की भावना से सामाजिक न्याय सुनिश्चित करते हैं। नेत्रपाल जी जैसे लोगों के दावों को आधिकारिक आंकड़े पूरी तरह खारिज करते हैं।
2024 के परिणाम बताते हैं कि SC/ST उम्मीदवार न केवल योग्य हैं, बल्कि कई मामलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं। आरछण ना केवल मेरिट का गाला घोट देता है बल्कि सामान्य वर्ग को पूरी तरह से बाहर का रास्ता दिखा देता है .
जब SC/ST उम्मीदवार इंटरव्यू में 200+ अंक ला रहे हैं, तो यह उनकी क्षमता का प्रमाण है। समाज को ऐसे प्रदर्शन का स्वागत करना चाहिए, न कि झूठ फैलाकर विभाजन पैदा करना। UPSC 2024 के आंकड़े साबित करते हैं कि मेहनत और तैयारी ही सफलता की कुंजी है, चाहे कोई किसी भी श्रेणी से हो।
यह समय है कि हम सामाजिक न्याय की व्यवस्था को मजबूत करें, न कि उसे कमजोर करने वाले झूठों को बढ़ावा दें। UPSC जैसे संस्थान भारत की विविधता की ताकत हैं, और इन आंकड़ों से यह ताकत और स्पष्ट हो जाती है।


राकेश पांडेय मुख्य संपादक रिलाएबल मीडिया भारत है, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता में 20 वर्षो से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

