सुल्तानपुर में दिनदहाड़े अपहरण, सुबह मिली व्यापारी की लाश; Kidnapping in broad daylight in Sultanpur
सुल्तानपुर, 8 दिसंबर 2025 Kidnapping in broad daylight in Sultanpur
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में उस वक्त सनसनी फैल गई जब जिले के प्रसिद्ध किराना व्यापारी अरुण यादव (उम्र 42 वर्ष) का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया और मात्र 14 घंटे बाद उनकी लाश कूरेभर-कोतवाली देहात क्षेत्र के एक सुनसान खेत में मिली। घटना 7 दिसंबर की दोपहर करीब 3:30 बजे की है जब अरुण अपनी दुकान से घर लौट रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया – कार में ठूंसा गया शव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कादीपुर-दोस्तपुर मार्ग पर गडौरा पुल के पास एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी (नंबर UP-44 AB 7865, अभी पुष्टि बाकी) अचानक अरुण की बाइक के सामने आकर रुकी। गाड़ी से उतरे 6-7 हथियारबंद युवक अरुण को दौड़ाकर पकड़ा, लाठियों और लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा और जबरन गाड़ी के डिक्की में डालकर फरार हो गए। पूरी घटना पास के दुकान के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई और लोगों ने तुरंत डायल-112 को सूचना दी।
रातभर चला सर्च ऑपरेशन Kidnapping in broad daylight in Sultanpur
सूचना मिलते ही सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन मिश्रा स्वयं मौके पर पहुंचे। कोतवाली देहात, कूरेभर, कादीपुर, लम्भुआ, बल्दीराय और दोस्तपुर थाने की फोर्स के साथ डॉग स्क्वॉड और सर्विलांस टीम को लगाया गया। जिले की सभी नाकाओं पर चेकिंग शुरू की गई। रात 8 बजे तक अपहृत अरुण यादव का मोबाइल फोन लम्भुआ क्षेत्र में स्विच ऑफ हो गया। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस से अपहरण में प्रयुक्त स्कॉर्पियो को अमेठी रोड पर ट्रेस किया, लेकिन अपहरणकर्ता गाड़ी छोड़कर फरार हो गए।
सुबह मिली लाश, गला रेतकर उतारा मौत के घाट
आज सुबह करीब 6:30 बजे कूरेभर थाना क्षेत्र के ग्राम पचकौली के पास एक खेत में स्थानीय लोगों ने एक व्यक्ति का शव पड़ा देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब शव की शिनाख्त की तो वह कोई और नहीं, अपहृत व्यापारी अरुण यादव थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अरुण की हत्या धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी। शरीर पर मारपीट के गहरे निशान और हाथ-पैर बंधे होने के प्रमाण मिले हैं। इससे साफ जाहिर है कि अपहरण के बाद उन्हें प्रताड़ित किया गया और फिर निर्मम हत्या कर दी गई।
परिजनों का आरोप – पुरानी रंजिश में हुई हत्या
मृतक अरुण यादव के बड़े भाई संजय यादव ने बताया कि करीब 5 साल पहले अरुण का उनके ही गांव के कुछ लोगों से जमीन के एक मामले में विवाद हुआ था। उस विवाद में मुकदमा भी चला था और दोनों पक्षों में काफी कटुता थी। संजय यादव ने कुछ लोगों का नाम लेकर आरोप लगाया कि पुरानी रंजिश के चलते ही उनके भाई की हत्या की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपहरण के तुरंत बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस को नामजद लोगों की जानकारी दी थी, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण अपहरणकर्ताओं को इतना वक्त मिल गया।
पुलिस का दावा – 24 घंटे में खुलासा
सुल्तानपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन मिश्रा ने प्रेस वार्ता कर बताया कि अपहरण में प्रयुक्त स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद कर ली गई है और गाड़ी मालिक से पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 4 संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और टीमें छापेमारी कर रही हैं। एसपी ने दावा किया कि 24 घंटे के अंदर पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा और सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि घटना में जो भी दोषी होगा, चाहे वह किसी भी जाति-समुदाय का हो, बख्शा नहीं जाएगा।
इलाके में दहशत, दुकानें बंद
घटना के बाद पूरे कादीपुर-कूरेभर क्षेत्र में दहशत का माहौल है। व्यापारियों ने आज सुबह से अपनी दुकानें बंद रखीं और एसपी ऑफिस के सामने कैंडिल मार्च निकालकर दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने भी घटना की कड़ी निंदा की है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।अभी तक पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। आने वाले कुछ घंटों में नामजद एफआईआर होने की संभावना है। जिले में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि पिछले 6 महीने में सुल्तानपुर में अपहरण के बाद हत्या की यह तीसरी बड़ी घटना है।

रणधीर आनंद पांडेय ब्यूरो चीफ रिलाएबल मीडिया भारत बस्ती ,उत्तर प्रदेश है RMB में 10 वर्षो से रहकर पत्रकारिता कर रहे है।

