जालौन में SHO की आत्महत्या कांड : महिला सिपाही गिरफ्तार, ब्लैकमेल और 25 लाख के हार का पूरा सच-Jalaun SHO’s suicide case

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जालौन, 8 दिसंबर 2025 Jalaun SHO’s suicide case उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कुठौंद थाने के प्रभारी निरीक्षक (SHO) अरुण कुमार राय की आत्महत्या ने पूरे पुलिस महकमे को हिला कर रख दिया है।

5 दिसंबर की रात अपने सरकारी आवास में सर्विस रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या करने वाले इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय के सुसाइड नोट और मोबाइल डेटा से जो खुलासे हुए हैं, वे किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगते। पुलिस ने मामले में थाने में ही तैनात महिला सिपाही मिनाक्षी गौतम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि मिनाक्षी ने इंस्पेक्टर राय को लगातार ब्लैकमेल किया और 25 लाख रुपये की मांग की।

इंस्पेक्टर के कुछ निजी वीडियो उसके पास थे, जिनका इस्तेमाल कर वह लगातार पैसे ऐंठती रही।पुलिस सूत्रों के मुताबिक हाल ही में महिला सिपाही ने तीन लाख रुपये का एक कीमती हार खरीदा था। चर्चा यह है कि यह हार इंस्पेक्टर राय ने ही उसे दिलवाया था। सिपाही का लाइफस्टाइल देखकर थाने के कई कर्मचारी पहले से ही हैरान थे। वह महंगे आई-फोन इस्तेमाल करती थी, लग्जरी सामान रखती थी और उसके बैंक खातों में अचानक बड़ी रकम जमा होने की बात भी सामने आ रही है।

सुसाइड नोट में क्या लिखा था? Jalaun SHO’s suicide case

इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय ने आत्महत्या से पहले एक लंबा सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उन्होंने साफ-साफ महिला सिपाही मिनाक्षी गौतम का नाम लिया है। नोट में लिखा है:“मैं मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका हूं। मिनाक्षी मुझे लगातार ब्लैकमेल कर रही है। मेरे कुछ निजी वीडियो उसके पास हैं। वह मुझसे 25 लाख रुपये मांग रही है। मैंने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। मैंने उसकी हर मांग पूरी की, हार दिलवाया, पैसे दिए, लेकिन अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता। मेरी जिंदगी तबाह कर दी है। मैं मजबूर होकर यह कदम उठा रहा हूं।”नोट में इंस्पेक्टर ने यह भी लिखा कि वह पिछले कई महीनों से डिप्रेशन में थे और नींद की गोलियां ले रहे थे।

दोनों के बीच संबंध कब और कैसे बने?

पुलिस जांच में पता चला है कि इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की पोस्टिंग कुठौंद थाने में करीब डेढ़ साल पहले हुई थी। महिला सिपाही मिनाक्षी गौतम भी लगभग उसी समय थाने में तैनात हुई थीं। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य अफसर-कर्मचारी का रिश्ता था, लेकिन धीरे-धीरे यह रिश्ता नजदीकी में बदल गया।सूत्र बताते हैं कि दोनों के बीच अफेयर शुरू हो गया। इंस्पेक्टर राय शादीशुदा थे और दो बच्चों के पिता थे। उनकी पत्नी और बच्चे कानपुर में रहते थे। वह अकेले कुठौंद में रहते थे। इसी अकेलेपन का फायदा उठाकर महिला सिपाही ने उन्हें अपने जाल में फंसाया।

वीडियो कैसे बने?

जांच अधिकारी ने बताया कि इंस्पेक्टर के फोन से डिलीट किए गए कई आपत्तिजनक वीडियो रिकवर किए गए हैं। ये वीडियो महिला सिपाही ने ही बनाए थे। इन वीडियोज का इस्तेमाल कर वह इंस्पेक्टर साहब को लगातार धमकाती रहीं। जब भी इंस्पेक्टर पैसे देने से मना करते या रिश्ता तोड़ने की बात करते, मिनाक्षी वीडियो वायरल करने की धमकी देती।

25 लाख की मांग और आखिरी कॉल

आत्महत्या से कुछ घंटे पहले इंस्पेक्टर राय और मिनाक्षी के बीच लंबी फोन पर बातचीत हुई थी। कॉल रिकॉर्डिंग में मिनाक्षी बार-बार 25 लाख रुपये की मांग कर रही थी। वह कह रही थी, “अगर पैसे नहीं दिए तो मैं सारे वीडियो वायरल कर दूंगी। तुम्हारी नौकरी जाएगी, परिवार बर्बाद हो जाएगा।”इंस्पेक्टर ने बहुत मिन्नतें कीं, कहा कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं, लेकिन मिनाक्षी नहीं मानी। इसी मानसिक तनाव में इंस्पेक्टर ने रात करीब 2:30 बजे खुद को गोली मार ली।

महिला सिपाही की लग्जरी लाइफथाने के कई कर्मचारी गवाह हैं कि मिनाक्षी का लाइफस्टाइल आम सिपाही से बिल्कुल अलग था।

  • वह 1.5 लाख से ऊपर का iPhone 15 Pro Max इस्तेमाल करती थी।
  • हाल ही में उसने 3 लाख रुपये का डायमंड हार खरीदा था।
  • उसके पास कई महंगे कपड़े, परफ्यूम और कॉस्मेटिक थे।
  • उसका बैंक खाता जांचा जा रहा है, जिसमें पिछले 8-10 महीनों में कई बड़ी रकम जमा हुई हैं।

पुलिस को शक है कि ये सारी लग्जरी इंस्पेक्टर राय से मिले पैसों से ही खरीदी गई थीं।

परिवार का बयान

इंस्पेक्टर राय की पत्नी ने मीडिया से कहा, “मेरे पति बहुत नेक इंसान थे। पिछले कई महीनों से वह बहुत परेशान रहते थे। फोन पर बात करते तो रोने लगते। मैंने पूछा भी था, लेकिन वह टाल जाते थे। मुझे नहीं पता था कि कोई उन्हें इस कदर ब्लैकमेल कर रहा है। मैं चाहती हूं कि दोषी को सबसे सख्त सजा मिले।”

पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई

जालौन के SSP डॉ. ईरज राजा के निर्देश पर मामले की जांच SP सिटी को सौंपी गई है। महिला सिपाही मिनाक्षी गौतम को 7 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया गया। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। उसका मोबाइल फोन, लैपटॉप और पेन ड्राइव जब्त कर ली गई है। फॉरेंसिक टीम सभी डिलीट डेटा रिकवर करने में लगी हुई है।पुलिस ने धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 384 (जबरन वसूली), 506 (आपराधिक धमकी) और IT एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

विभागीय कार्रवाई

महिला सिपाही मिनाक्षी गौतम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही कुठौंद थाने के अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है कि क्या उन्हें दोनों के संबंधों की जानकारी थी और उन्होंने इसकी शिकायत क्यों नहीं की।

समाज और पुलिस महकमे में चर्चा

यह मामला पूरे उत्तर प्रदेश पुलिस में चर्चा का विषय बन गया है। कई पुलिसकर्मी निजी तौर पर कह रहे हैं कि “अगर अफसर ही इस तरह के जाल में फंस जाएं तो आम कर्मचारी का क्या होगा?” वहीं महिला संगठनों ने भी इस मामले में चिंता जताई है कि कहीं इसका इस्तेमाल महिलाओं के खिलाफ न किया जाए।

आखिरी सवाल

एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अफसर की जिंदगी इस तरह खत्म हो गई, यह हर किसी के लिए सबक है। सवाल यह भी है कि थाने जैसी जगह पर इस तरह का रिश्ता कैसे पनप गया? क्या वहां के बाकी कर्मचारी अंधे-बहरे थे? क्या विभागीय निगरानी पूरी तरह फेल हो गई?पुलिस का दावा है कि जल्द ही सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। लेकिन इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि ब्लैकमेल का शिकार कोई भी हो सकता है, चाहे वह वर्दी में हो या बिना वर्दी के।

Rakesh Pandey

राकेश पांडेय मुख्य संपादक रिलाएबल मीडिया भारत है, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता में 20 वर्षो से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।