नैनी सेंट्रल जेल में बंदी के आत्महत्या मामले में एक बंदीरक्षक निलंबित

Please Share

नैनी सेंट्रल जेल में एक बंदी ने आत्महत्या की थी। इस मामले में ड्यूटी पर लापरवाही के आरोप में बंदीरक्षक सौरभ सिंह को निलंबित कर दिया गया है। आजीवन कारावास की सजा काट रहे उदय राज लोध ने बैरक में फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि सौरभ सिंह को ड्यूटी में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया है और मामले की जांच जारी है।

केंद्रीय कारागार नैनी में शनिवार की शाम फंदे पर लटक कर आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी उदय राज लोध ने जान दे दी थी। इस मामले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में बंदीरक्षक सौरभ सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उन्हें जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर जेल प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई है।

नैनी सेंट्रल जेल में एक बंदी ने आत्महत्या की थी। इस मामले में ड्यूटी पर लापरवाही के आरोप में बंदीरक्षक सौरभ सिंह को निलंबित कर दिया गया है। आजीवन कारावास की सजा काट रहे उदय राज लोध ने बैरक में फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि सौरभ सिंह को ड्यूटी में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया है और मामले की जांच जारी है।

  1. जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर जेल प्रशासन की कार्रवाई
  2. वरिष्ठ जेल अधीक्षक बोले- ड्यूटी में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया

केंद्रीय कारागार नैनी में शनिवार की शाम फंदे पर लटक कर आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी उदय राज लोध ने जान दे दी थी। इस मामले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में बंदीरक्षक सौरभ सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उन्हें जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर जेल प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई है।

बंदी के बैरक की सुरक्षा को बंदीरक्षक सौरभ तैनात थे

वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह का कहना है कि जांच में प्रथम दृष्टि सौरभ सिंह को दोषी पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। क्योंकि जिस बैरक में उदय राज था। उसकी सुरक्षा की ड्यूटी पर सौरभ सिंह तैनात थे। उन्हें ड्यूटी में लापरवाही का दोषी पाया गया है। फिलहाल अभी इस मामले में जांच चल रही है। 

गिनती में एक बंदी कम मिलने पर मचा था हड़कंप 

केंद्रीय कारागार नैनी में शनिवार शाम बैरक बंद होने के समय गिनती के दौरान एक बंदी कम पाए जाने पर हड़कंप मच गया था। खोजबीन के दौरान आजीवन कारावास की सजा काट रहा एक बंदी आम के पेड़ पर फंदे से लटकता मिला था। इसके बाद जेल में अफरा-तफरी मच गई थी। 

कौशांबी के पश्चिम शरीरा स्थित बरुआ गांव निवासी था बंदी

कौशांबी जिले के पश्चिम शरीरा थाना बरुआ गांव निवासी रामेश्वर सिंह के चार पुत्रों में तीसरे नंबर का पुत्र 60 वर्षीय उदय राज लोध को गांव के ही एक युवक की हत्या के मामले में 12 दिसंबर 2023 को अदालत से आजीवन कारावास की सजा मिली थी।

20 जुलाई को कौशांबी जिला जेल से नैनी लाया गया था

20 जुलाई को उसे कौशांबी जिला कारागार से केंद्रीय कारागार नैनी में स्थानांतरित किया गया था। वह जेल के चक्र संख्या दो में बंद था। उसने दरी गोदाम के समीप स्थित आम के पेड़ से गमछे के सहारे  आत्महत्या की थी। डीआइजी जेल राजेश कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह मौके पर पहुंचे। जानकारी नैनी थाने में भी दी गई।

RMB News Desk

Reliable media Desk 24/7