नेहा सिंह राठौर: सवालों की आवाज़ पर सियासी सेंसरशिप का शिकार? – Neha Singh Rathore
लखनऊ/वाराणसी, 7 दिसंबर 2025 – Neha Singh Rathore भोजपुरी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर, जिन्हें उनकी साहसी और व्यंग्यात्मक गीतों के लिए जाना जाता है, आज एक बार फिर केंद्र में हैं। सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट में उन्होंने खुलासा किया कि पुलिस उनके ठिकानों पर छापे मार रही है, अखबारों में उनके खिलाफ फर्जी खबरें छापी जा रही हैं, और सब कुछ सिर्फ चार सवाल पूछने के बदले। “बेटी बचाओ” का नारा देने वाली सरकार में एक महिला की आवाज़ को दबाने की कोशिश? यह सवाल नेहा ने खुद उठाया है, जो तेज़ी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।नेहा सिंह राठौर (
@nehafolksinger) ने आज सुबह अपनी पोस्ट में लिखा: “सोशल मीडिया पर मेरी बोली लगाई जा रही है। पुलिस के मुताबिक वो मेरे ठिकानों पर छापे मार रही है। अख़बारों में मेरे ख़िलाफ़ फ़र्ज़ी ख़बरें छापी जा रही हैं। ‘बेटी बचाओ’ वालों की सरकार में चार सवाल पूछने के बदले मुझे ये अत्याचार सहना पड़ेगा? किसी को कुछ दिख रहा है? ये है इनका राष्ट्रवाद…ये है इनका लोकतंत्र…ये है इनका ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते’। सवाल पूछने वाली एक आवाज़ बर्दाश्त नहीं हो रही? वाह मोदीजी वाह!” पोस्ट में उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग (
@NCWIndia) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (
@narendramodi) को टैग किया है।यह पोस्ट मात्र दो घंटों में 1,800 से अधिक लाइक्स, 500 रीपोस्ट और 800 से ज्यादा कमेंट्स बटोर चुकी है। कई यूजर्स ने इसे “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया, जबकि कुछ ने नेहा को “देशद्रोही” तक कह डाला। एक यूजर ने लिखा, “ये ड्रामा है, पाकिस्तानी एजेंडा चला रही हो,” तो दूसरे ने कहा, “संविधान बचाओ, नेहा की आवाज़ बचाओ।”नेहा कौन हैं? – बिहार से लखनऊ तक की संघर्ष गाथा
1997 में बिहार के कैमूर जिले में जन्मी नेहा सिंह राठौर ने भोजपुरी संगीत को नई ऊंचाई दी है। वे खुद को “भोजपुरी की मर्यादा को बचाने वाली” बताती हैं, जो स्लेज़ी फिल्मी गानों के खिलाफ आवाज़ उठाती हैं। उनका यूट्यूब चैनल और एक्स हैंडल पर लाखों फॉलोअर्स हैं – वर्तमान में 4.84 लाख। उनकी सबसे मशहूर रचना “यूपी में का बा” 2022 में वायरल हुई, जो उत्तर प्रदेश की सड़कों, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर तंज कसती है।
नेहा का परिवार देशभक्ति से जुड़ा है। वे कहती हैं, “मेरे 14 परिजन भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों में सेवा कर चुके हैं। भाई छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से लड़ रहे हैं, चाचा कारगिल युद्ध में लड़े।” फिर भी, उनकी आलोचनात्मक गीतों ने उन्हें मुश्किलों में डाल दिया। 2022 में “यूपी में का बा” के बाद पहला केस, फिर 2025 में सिद्दी पेशाब कांड पर कार्टून शेयर करने के लिए मध्य प्रदेश में FIR।
पाहलगाम हमले की पोस्ट: विवाद की जड़
सबसे ताज़ा विवाद 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ा है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। नेहा ने सोशल मीडिया पर एक गीत शेयर किया, जिसमें उन्होंने पर्यटकों की सुरक्षा पर सवाल उठाए।
पोस्ट में उन्होंने कहा, “सरकार चुनावी फायदे के लिए त्रासदी का इस्तेमाल कर रही है?” और एक कार्टून शेयर किया, जो हमले की विधवा को दर्शाता था। लखनऊ के हजरतगंज थाने में कवि अभय प्रताप सिंह की शिकायत पर 28 अप्रैल को FIR दर्ज हुई। आरोप: धारा 197(1)ए, 197(1)डी (राष्ट्रीय अखंडता को खतरा), 353(2) (सांप्रदायिक वैमनस्य) बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत।
पुलिस का कहना है कि नेहा की पोस्ट ने “एक समुदाय को निशाना बनाया” और “देश की एकता को नुकसान पहुंचाया।” वाराणसी के लंका थाने में भी श्री हनुमान सेना के सुधीर सिंह की शिकायत पर अलग FIR – पीएम मोदी पर “अपमानजनक” टिप्पणियों के लिए। नेहा का पक्ष: “यह गीत पर्यटक सुरक्षा पर सवाल था, न कि किसी समुदाय पर। बीजेपी आईटी सेल मुझे एंटी-नेशनल बता रही है। कोई नोटिस नहीं मिला, फिर भी छापे की अफवाहें।” उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत मांगी, जो 6 दिसंबर को खारिज हो गई। अब वे सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
पुलिस की कार्रवाई: छापे, नोटिस और तलाशी अभियान
उत्तर प्रदेश पुलिस ने 24 नवंबर को स्पेशल टीम गठित की। एसएचओ विक्रम सिंह के अनुसार, “अंबेडकरनगर में पैतृक घर पर नोटिस चस्पा, लेकिन नेहा ने बीमारी का हवाला देकर समय मांगा।” 26 नवंबर को लखनऊ के सेलिब्रिटी गार्डन्स अपार्टमेंट (सुषांत गोल्फ सिटी) पर लखनऊ पुलिस की दो टीमें पहुंचीं। वaranasi पुलिस ने भी नोटिस चिपकाया। नेहा ने डेनाइड किया: “11 देशों की पुलिस तलाश रही – झूठ। घर पर हूं, पति हिमांशु सिंह के साथ। कोई आधिकारिक नोटिस नहीं।” फिर भी, पुलिस का दावा: “दो नोटिस लंका से, दो हजरतगंज से – कोई जवाब नहीं।” समाजवादी पार्टी के आईपी सिंह ने आलोचना की: “चंबल के डकैत की तरह तलाश? सरकार के सवाल बर्दाश्त नहीं?”
मीडिया का रोल: फर्जी खबरें या सच्चाई?
नेहा की शिकायत: “अखबारों में फर्जी खबरें – जैसे ‘गायब हो गईं’ या ‘विदेश भागने की कोशिश।'” कुछ आउटलेट्स ने उन्हें “पाकिस्तानी एजेंडा” से जोड़ा, जबकि नेहा कहती हैं, “मेरा वीडियो पाकिस्तानी हैंडल ने कॉपी किया, मैंने नहीं।” विपक्षी नेता इसे “मीडिया ट्रायल” बता रहे हैं। एक फैक्ट-चेक ने सितंबर में वायरल वीडियो को फेक बताया, जिसमें नेहा को दिल्ली पुलिस से पीटा जा रहा था – वह किसी और घटना का था।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: समर्थन vs. हमला – Neha Singh Rathore
- समर्थक: कांग्रेस और सपा ने “महिला उत्पीड़न” का मुद्दा उठाया। आईपी सिंह बोले, “सवाल पूछना अपराध? लोकतंत्र कहां?” पत्रकारों ने #SaveNeha आवाज़ दी।
- विरोधी: बीजेपी समर्थक उन्हें “कांग्रेस की कठपुतली” बता रहे। एक यूजर: “सेना का अपमान किया, जेल ही बनती है।” नेहा ने जवाब दिया: “पीएम देश के सेवक हैं, सवाल पूछना मेरा हक। देशद्रोह का केस क्यों?”
भविष्य: सुप्रीम कोर्ट और सवालों की जंग
नेहा ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट जाऊंगी, हक के लिए लड़ूंगी। पुलिस से सहयोग करने को तैयार।” उनके वकील सिब्बल से संपर्क में हैं। यह मामला सिर्फ नेहा का नहीं – अभिव्यक्ति की आजादी, महिला सशक्तिकरण और सियासी सेंसरशिप का है। क्या “बेटी बचाओ” सिर्फ नारा है, या नेहा जैसी बेटियां सुरक्षित रहेंगी?
नेहा की एक पुरानी पोस्ट याद आती है: “प्रधानमंत्री की आलोचना देश की आलोचना कैसे? वे सेवक हैं, जनता मालिक।” आज यह सवाल और तेज़ हो गया है। क्या कोई सुन रहा है?

Reliable media Desk 24/7

