उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका-Kuldeep Singh Sengar suffers a major setback in the Unnao rape case

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Kuldeep Singh Sengar suffers a major setback in the Unnao rape case उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के 23 दिसंबर के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें पूर्व भाजपा विधायक और दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत मिली थी।

CBI ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की थी।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट के जज बेहतरीन हैं, लेकिन गलती हो सकती है।

कोर्ट ने सेंगर को नोटिस जारी किया और 4 हफ्ते बाद सुनवाई तय की।

पीड़िता ने कोर्ट में रोते हुए कहा कि वह फांसी चाहती है।

उन्नाव रेप केस: पूरा इतिहास (क्रोनोलॉजी) Kuldeep Singh Sengar suffers a major setback in the Unnao rape case.

उन्नाव रेप केस उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले का एक बेहद चर्चित और दर्दनाक मामला है, जिसमें 2017 में एक नाबालिग लड़की (तब 17 साल की) के साथ बलात्कार का आरोप पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर लगा। यह मामला राजनीतिक दबाव, पुलिस की निष्क्रियता, परिवार के सदस्यों की मौत और न्याय की लंबी लड़ाई के लिए जाना जाता है।मुख्य घटनाक्रम (टाइमलाइन)

  • 4 जून 2017: पीड़िता (17 वर्षीय लड़की) नौकरी की तलाश में कुलदीप सिंह सेंगर के घर जाती है। आरोप है कि वहां उसका बलात्कार हुआ। सेंगर उस समय उन्नाव से भाजपा विधायक थे।
  • 11-20 जून 2017: पीड़िता को तीन लोग (शुभम सिंह, बृजेश यादव, अवध नारायण) अगवा कर ले जाते हैं। आरोप है कि उन्हें कई दिनों तक बेहोश कर सामूहिक बलात्कार किया गया।
  • 20 जून 2017: पीड़िता और उसके पिता ने तीन आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई (IPC की धारा 363, 366, 376, 506 के तहत)।
  • जून-जुलाई 2017: पीड़िता दिल्ली चली जाती है। बाद में उन्नाव लौटकर सेंगर के खिलाफ FIR दर्ज कराने की कोशिश करती है, लेकिन पुलिस नाम नहीं लेती।
  • अप्रैल 2018: पीड़िता के पिता पर झूठा हथियारों का केस दर्ज कर जेल भेजा जाता है। 3 अप्रैल को पिता पर हमला होता है। 8 अप्रैल को पीड़िता योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश करती है।
  • 9 अप्रैल 2018: पीड़िता के पिता पुलिस हिरासत में मौत हो जाती है।
  • 10 अप्रैल 2018: इलाहाबाद हाईकोर्ट केस CBI को ट्रांसफर करता है।
  • 13 अप्रैल 2018: कुलदीप सिंह सेंगर गिरफ्तार।
  • जुलाई 2018: CBI पहला चार्जशीट दाखिल करती है।
  • जुलाई 2019: पीड़िता और परिवार CJI को खत लिखते हैं, धमकी की शिकायत करते हैं।
  • 1 अगस्त 2019: सुप्रीम कोर्ट सभी जुड़े 5 केस दिल्ली ट्रांसफर करता है।
  • 16 दिसंबर 2019: दिल्ली कोर्ट सेंगर को बलात्कार का दोषी ठहराता है।
  • 20 दिसंबर 2019: सेंगर को उम्रकैद (लाइफ इम्प्रिजनमेंट) की सजा, 25 लाख जुर्माना।
  • 2020-2025: सेंगर पिता की हत्या के मामले में भी दोषी, 10 साल की सजा।
  • 23 दिसंबर 2025: दिल्ली हाईकोर्ट सेंगर की सजा सस्पेंड कर जमानत देता है (7 साल 5 महीने जेल में बिताने का हवाला देकर)।
  • 24-28 दिसंबर 2025: पीड़िता और परिवार विरोध प्रदर्शन करते हैं। CBI सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करता है।
  • 29 दिसंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाता है। सेंगर को जमानत नहीं मिलती, जेल में ही रहेंगे।
  • CJI सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि यह “हॉरिफिक” केस है और पीड़िता की सुरक्षा महत्वपूर्ण है।

अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

  • सेंगर भाजपा से निष्कासित हो चुके हैं। वे पहले बसपा, सपा और कांग्रेस में भी रहे थे।
  • पीड़िता के परिवार पर लगातार दबाव और धमकियां। पिता की मौत के अलावा 2 अन्य रिश्तेदारों की संदिग्ध मौत।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कई बार हस्तक्षेप किया, केस दिल्ली ट्रांसफर किया और सुरक्षा दी।
  • यह केस महिलाओं के खिलाफ अपराध, राजनीतिक दुरुपयोग और न्याय व्यवस्था की चुनौतियों का प्रतीक बन गया।

यह मामला आज भी चल रहा है, अपीलें लंबित हैं। पीड़िता और उसके परिवार को न्याय की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 के अपने ही फैसले और विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर रोक लगा दी, जिसमें अरावली को केवल 100 मीटर ऊंचाई वाले हिस्सों को पहाड़ माना गया था।

  • CJI सूर्यकांत की बेंच ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि नई परिभाषा से अनियंत्रित खनन का खतरा बढ़ सकता है।
  • केंद्र और राज्यों (हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात) को नोटिस जारी किया।
  • नई उच्च-स्तरीय कमेटी बनाई जाएगी।
    यह फैसला पर्यावरणवादियों के लिए बड़ी राहत है। #SaveAravalli ट्रेंड में लोग कह रहे हैं कि “अरावली रेगिस्तान से बचाने वाली दीवार है”।

सोशल मीडिया पर दोनों फैसलों को “जनता की आवाज़ की जीत” बताया जा रहा है। कुछ यूजर्स ने कहा कि प्रदर्शन और विरोध ने कोर्ट पर दबाव डाला। कुलदीप सेंगर के समर्थकों को ट्रोल किया जा रहा है। अरावली मामले में पर्यावरण संरक्षण की मांग तेज हो गई है।

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RMB News Desk

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