प्रयागराज में डिलीवरी ब्वॉय की दो शादियां- दोनों पत्नियां आमने-सामने आईं -Delivery boy’s two marriages
Delivery boy’s two marriages उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के दलापुर गाँव के रहने वाले राहुल उर्फ रामकृष्ण दुबे ने महज़ चार दिनों के भीतर दो शादियाँ रचा कर पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। स्विगी डिलीवरी ब्वॉय की नौकरी करने वाला यह युवक पहले से शादीशुदा था, बाप बना हुआ था, फिर भी उसने दूसरी शादी कर ली और दोनों पत्नियों से लाखों रुपये का दहेज भी हड़प लिया। लेकिन सच हमेशा छिप नहीं पाता। जब उसकी दोनों पत्नियाँ आपस में बात करने बैठीं तो सारा पर्दाफाश हो गया। इसके बाद जो हुआ, वह कानून की जीत भी थी और इंसानियत की अनुपम मिसाल भी।
पहली शादी : प्रेम से शुरू, कोर्ट मैरिज और फिर धूमधाम
राहुल की मुलाकात प्रतापगढ़ जिले की रहने वाली खुशबू से एक शादी समारोह में हुई थी। फोन पर बातें बढ़ीं, प्यार हुआ और १९ अक्टूबर २०२३ को दोनों ने प्रयागराज कोर्ट में चुपचाप शादी कर ली। एक साल बाद, ३० नवंबर २०२४ को परिवार की सहमति से प्रयागराज के ही पड़िला महादेव धाम मंदिर में पूरे रीति-रिवाज से शादी का आयोजन हुआ। खुशबू के पिता ने बेटी की खुशी के लिए दिल खोलकर दिया:
- २ लाख रुपये नकद
- १० ग्राम सोने की चेन
- सोने की अंगूठी
- फ्रिज, बेड, बर्तन आदि घरेलू सामान
शादी के ठीक अगले दिन राहुल खुशबू को लेकर अल्लापुर में किराए का मकान लेकर रहने लगा। २५ अक्टूबर २०२४ को खुशबू ने एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिया। बच्ची उस वक्त महज़ १५ दिन की थी जब राहुल का असली चेहरा सामने आया।
दूसरी शादी : चार दिन बाद फिर ब्याहता, दहेज में 6 लाख – Delivery boy’s two marriages
खुशबू को कुछ पता नहीं था कि उसका पति अपने गाँव में क्या खेल खेल रहा है। ४ दिसंबर २०२४ को, यानी पहली धूमधाम शादी के महज़ चार दिन बाद, राहुल ने अपने ही गाँव के पास रहने वाली शिवांगी से परिवार की मर्जी से दूसरी शादी कर ली। यह शादी पूरी धूमधाम से हुई। बारात आई, बैंड बजा, दावत हुई, लेकिन शिवांगी और उसके परिवार को यह नहीं बताया गया कि दूल्हा पहले से शादीशुदा है और उसकी एक नवजात बेटी भी है। शिवांगी के परिवार ने खूब दहेज दिया:
- TVS स्पोर्ट मोटरसाइकिल
- ३ लाख रुपये नकद
- पूरा घर-गृहस्थी का सामान
कुल मिलाकर लगभग ६ लाख रुपये से ज्यादा खर्च हुए।
शादी के बाद भी राहुल के परिवार पर २ लाख रुपये और और सोने की चेन की अतिरिक्त मांग करने का आरोप लगा।
फोन ने खोला पूरा राज़
राहुल अब दो घर बसा चुका था। खुशबू और नवजात बेटी को उसने गोरखपुर में एक किराए के मकान में रख छोड़ा था और खुद दूसरी पत्नी शिवांगी के साथ दलापुर गाँव में रह रहा था। एक दिन खुशबू ने राहुल को फोन किया। फोन शिवांगी ने उठाया।
“हैलो, राहुल हैं?”
“हाँ, बोलिए… आप कौन?”
“मैं राहुल की पत्नी खुशबू बोल रही हूँ।”
“पत्नी? अरे मैं भी राहुल की पत्नी शिवांगी बोल रही हूँ!” दोनों स्तब्ध। फिर वॉट्सऐप पर शादी की तस्वीरें भेजी गईं। मंगलसूत्र, सिंदूर, मेहंदी, बारात—सब कुछ साफ दिख रहा था। दोनों पत्नियों को एक साथ एहसास हुआ कि वे एक ही व्यक्ति की धोखेबाजी की शिकार हुई हैं।
खुशबू गाँव पहुंची, हंगामा हुआ
सच पता चलते ही खुशबू अपनी 15 दिन की बच्ची को लेकर दलापुर गाँव पहुंच गई। उसने राहुल और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए — मारपीट, बच्ची की हत्या की कोशिश और घर से भगा देने की धमकी। गाँव में खूब हंगामा हुआ।

दोनों पत्नियाँ एक हुईं, पुलिस तक पहुंचीं
धोखे की इस कहानी ने दोनों महिलाओं को एकजुट कर दिया। खुशबू और शिवांगी ने मिलकर थाने जाने का फैसला किया। पिछले हफ्ते दोनों महिलाएँ पुलिस स्टेशन पहुंचीं और सारी कहानी विस्तार से बताई। सबूत के तौर पर शादी की तस्वीरें, दहेज की रसीदें और चश्मदीद गवाह भी पेश किए। पुलिस ने तफ्तीश की और रविवार रात को FIR दर्ज की। सोमवार को राहुल उर्फ रामकृष्ण दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। FIR में निम्नलिखित लोग आरोपी बनाए गए हैं:
- राहुल उर्फ रामकृष्ण दुबे
- पिता राजेश दुबे
- माँ गीता देवी
- भाई नितेश दुबे
- भाई सूरज दुबे
धारा : ४९८ए, ४२०, ४०६, ३७७, दहेज प्रतिषेध अधिनियम समेत कई गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं।
इंसानियत की अनोखी मिसाल
इस पूरे मामले में सबसे भावुक और प्रेरणादायक हिस्सा यह है कि दूसरी पत्नी शिवांगी और उसके परिवार ने पहली पत्नी खुशबू और उसकी १५ दिन की मासूम बच्ची को अपने घर में पनाह दे दी। शिवांगी के पिता हृदय नारायण तिवारी ने मीडिया से कहा,
“खुशबू अब माँ बन चुकी है। उस मासूम बच्ची के साथ वह कहाँ भटकेगी? हम उसे अपनी बेटी की तरह रखेंगे। राहुल को चाहिए कि खुशबू और बच्ची को अपनाए और शिवांगी को तलाक दे दे। हमने जो छह लाख रुपये से ज्यादा शादी में खर्च किए, वह वापस मिल जाएँ तो शिवांगी की दूसरी शादी करा देंगे।”शिवांगी ने भी कहा, “मैं खुशबू को कभी अकेला नहीं छोड़ूंगी। हम दोनों मिलकर न्याय की लड़ाई लड़ेंगी।”
समाज के लिए संदेश -Delivery boy’s two marriages
यह घटना एक तरफ तो धोखेबाज़ और लालची लोगों को बेनकाब करती है, वहीं दूसरी तरफ दिखाती है कि हमारे समाज में आज भी मानवता जिंदा है। शिवांगी और उसके परिवार ने जो कदम उठाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल है।
दो ठगी गई महिलाएँ जब एक होकर लड़ती हैं और एक-दूसरे का सहारा बनती हैं, तो न्याय मिलना तय हो जाता है।अब राहुल और उसका परिवार कानून के शिकंजे में है। दोनों पत्नियाँ मिलकर अदालत में गवाही देंगी। उम्मीद है कि अदालत सख्त सजा देगी और दहेज में ली गई रकम व सामान दोनों महिलाओं को वापस दिलवाएगी।यह कहानी बताती है — झूठ कितना भी बड़ा हो, अंत में सच की ही जीत होती है, और इंसानियत कभी मरती नहीं।

राकेश पांडेय मुख्य संपादक रिलाएबल मीडिया भारत है, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता में 20 वर्षो से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

