मथुरा – कथावाचक कौशल किशोर हिरासत में : श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद के बीच तनाव बढ़ा : Kaushal in juvenile detention
मथुरा, 7 दिसंबर 2025 Narrator Kaushal in juvenile detention वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित कौशल किशोर को आज सुबह मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के गेट नंबर-1 पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
वे भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और डेहरी (जन्मस्थान की देहरी) पूजन के लिए पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि मौजूदा संवेदनशील स्थिति और कोर्ट के आदेशों के मद्देनजर उन्हें रोकना पड़ा। वहीं कौशल किशोर ने कहा कि वे केवल एक साधारण भक्त की हैसियत से आए थे और उनका कोई राजनीतिक मकसद नहीं था।
घटना सुबह करीब साढ़े सात बजे की है। पंडित कौशल किशोर अपने कुछ शिष्यों के साथ गेट नंबर-1 के पास पहुंचे और पूजा-अर्चना की इच्छा जताई। कुछ ही मिनटों में वहां भारी पुलिस बल तैनात हो गया। मथुरा के कोतवाली प्रभारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर कोतवाली ले गए। दोपहर तक उन्हें छोड़ा नहीं गया था।
पंडित कौशल किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा, Kaushal in juvenile detention
“मैं पिछले 30 साल से भागवत कथा सुना रहा हूं। करोड़ों श्रद्धालु मेरी कथा सुन चुके हैं। मैं सिर्फ अपने इष्टदेव के दर्शन और डेहरी पर फूल-चंदन चढ़ाने आया था। न कोई झंडा था, न कोई नारा था, न कोई भीड़ थी। फिर भी मुझे हिरासत में ले लिया गया। क्या अब श्रीकृष्ण भक्त को अपने आराध्य के दर्शन का अधिकार भी नहीं रहा?
”श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद पिछले कई साल से कोर्ट में चल रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में सर्वे की अनुमति दी है और मामले की सुनवाई तेज कर दी है। इसी बीच हिंदू संगठनों की ओर से “डेहरी पूजन” का आह्वान किया जा रहा है, जिसे मुस्लिम पक्ष और प्रशासन दोनों ही उकसावे की कार्रवाई मान रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि 6 दिसंबर 1992 की तारीख को देखते हुए और कोर्ट के स्टेटस-को के मद्देनजर किसी भी तरह की भीड़ या धार्मिक आयोजन की इजाजत नहीं दी जा सकती।

मथुरा के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया,
“कोर्ट के आदेश हैं कि यथास्थिति बरकरार रखी जाए। किसी भी व्यक्ति या संगठन को एकतरफा पूजा-पाठ या प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। पंडित कौशल किशोर को सिर्फ एहतियातन हिरासत में लिया गया था। उन पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
”वहीं अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने इसे “हिंदुओं के धार्मिक अधिकारों पर हमला” बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भक्तों को दर्शन-पूजन से रोका गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। दूसरी ओर आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी ने कहा कि यह जानबूझकर तनाव बढ़ाने की कोशिश है और कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए।
पंडित कौशल किशोर कोई साधारण कथावाचक नहीं हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित कई राज्यों में उनकी सात-दिवसीय भागवत कथाएं लाखों-करोड़ों में श्रोता जुटाती हैं। उनके यूट्यूब चैनल पर 50 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। पिछले कुछ महीनों से वे सोशल मीडिया पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति और डेहरी पूजन की बात खुलकर कर रहे थे।
कई लोगों का मानना है कि आज की घटना उनके बढ़ते प्रभाव को रोकने की कोशिश भी हो सकती है।सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों ने कुछ दिन पहले ही अलर्ट जारी किया था कि 6-7 दिसंबर को मथुरा में कुछ संगठन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को जुटाकर डेहरी पूजन कराने की योजना बना रहे हैं।
इसी आधार पर पूरे शहर में धारा 144 लागू है और श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है। ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।
कई साधु-संतों ने वीडियो जारी कर प्रशासन से पंडित कौशल किशोर को तुरंत रिहा करने और भक्तों को दर्शन की अनुमति देने की मांग की। दूसरी तरफ कुछ लोग इसे “अनावश्यक विवाद” बता रहे हैं और कह रहे हैं कि कोर्ट का फैसला आने तक धैर्य रखना चाहिए।
फिलहाल पंडित कौशल किशोर को कोतवाली में ही रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
मथुरा एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ा है जहां धार्मिक आस्था, कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक स्वार्थ आपस में टकरा रहे हैं। आज की यह छोटी-सी घटना आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन की शुरुआत बन सकती है या शांति से कोर्ट के फैसले तक इंतजार किया जाएगा – यह तो वक्त ही बताएगा।
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राकेश पांडेय मुख्य संपादक रिलाएबल मीडिया भारत है, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता में 20 वर्षो से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

