जनसत्ता दल लोकतांत्रिक का सातवाँ स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया
लखनऊ/कुंडा, Jansatta Dal .जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने आज अपना सातवाँ स्थापना दिवस पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया। पार्टी के कद्दावर नेता एवं कुंडा विधानसभा क्षेत्र से लगातार सात बार के विधायक, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की अगुवाई में यह दल वर्ष 2018 में अलग होकर बना था और मात्र सात वर्षों में ही यह उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय राजनीति का एक मजबूत विकल्प बन चुका है।मुख्य समारोह लखनऊ कैंट स्थित राजा भैया के भव्य आवास “रामायण” में आयोजित किया गया।
सुबह से ही पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक यहाँ एकत्रित होने लगे थे। ठीक 11 बजे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रघुराज प्रताप सिंह का भव्य स्वागत हुआ। फूल-मालाओं, आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच राजा भैया ने केक काटा और पार्टी झंडे को सलामी दी।
अपने संक्षिप्त संबोधन में उन्होंने कहा, “जनसत्ता दल किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि आमजन की आवाज का दल है। हमने सात साल में जो विश्वास अर्जित किया है, वह आगे भी कायम रहेगा। हमारा लक्ष्य सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सम्मान पहुंचाना है।”
इसी बीच प्रतापगढ़ जिले के बाबूगंज, कुंडा में पार्टी का केंद्रीय कार्यालय भी रंग-बिरंगी झंडियों, बलूनों और फूलों से सजा नजर आया। यहाँ समारोह की कमान राजा भैया के सुपुत्र श्री शिवराज प्रताप सिंह ने संभाली। उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. के. एन. ओझा, उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष एवं बाबागंज विधायक श्री विनोद सरोज, प्रदेश महासचिव श्री गुलाब चंद्र केशरवानी, युवा प्रदेश अध्यक्ष श्री अभय प्रताप सिंह, महिला प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रागिनी सिंह समेत दर्जनों वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

शिवराज प्रताप सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “पिताजी ने जो सपना देखा था, उसे हम नई पीढ़ी पूरा करेगी। जनसत्ता दल अब सिर्फ प्रतापगढ़-कौशांबी तक सीमित नहीं है; यह पूरे उत्तर प्रदेश में गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं की आवाज बन रहा है।” उन्होंने आगामी निकाय चुनाव और2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को और मजबूत करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय महासचिव डॉ. के. एन. ओझा ने कहा कि सात साल पहले जब पार्टी बनी थी, तब सिर्फ दो विधायक थे, आज हमारे पास तीन विधायक हैं और 50 से अधिक जिला पंचायत सदस्य, सैकड़ों क्षेत्र पंचायत सदस्य और ब्लॉक प्रमुख हैं। निकाय चुनाव में भी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने दावा किया कि 2027 तक जनसत्ता दल उत्तर प्रदेश की तीसरी बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरेगा।
बाबागंज विधायक श्री विनोद सरोज ने कहा, “राजा भैया का व्यक्तित्व ही पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी है। उनके नेतृत्व में हमने कभी सत्ता के लिए समझौता नहीं किया, न किसी से गठबंधन किया और न ही किसी के सामने झुके। यही हमारी ताकत है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हमें जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति से ऊपर उठकर गरीबों-वंचितों की लड़ाई लड़नी है।
पार्टी का प्रभाव मुख्य रूप से प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर और फैजाबाद के कुछ हिस्सों में है, लेकिन पिछले दो-तीन साल में जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, आजमगढ़, गाजीपुर तक इसका विस्तार हुआ है।
सातवें स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हर कोई मान रहा था कि राजा भैया की बेबाक शैली और “बिना झुके, बिना रुके” वाले तेवर ने इस छोटी-सी पार्टी को एक अलग पहचान दी है। आने वाले दिनों में जनसत्ता दल उत्तर प्रदेश की राजनीति में कितना बड़ा उलटफेर कर पाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

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