लोनी में खड़ी बाइक का 23 हजार का चालान काटने पर भड़का विवाद: युवक ने दरोगा को ही कानून का पाठ पढ़ाया, 23 thousand challan for bike parked in Loni

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लोनी में खड़ी बाइक का 23 हजार का चालान काटने पर भड़का विवाद: युवक ने दरोगा को ही कानून का पाठ पढ़ाया, वीडियो वायरल, पुलिस पर एक्शन की मांग 23 thousand challan for bike parked in Loni

गाजियाबाद, 03 दिसंबर 2025
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के इंद्रपुरी में उस समय हंगामा मच गया जब एक सब-इंस्पेक्टर ने सड़क किनारे खड़ी बाइक का 23 हजार रुपये का भारी-भरकम चालान काट दिया। बाइक मालिक शुएब त्यागी ने जब दरोगा से सवाल किया कि आप खुद हेलमेट नहीं पहने हैं तो अपना चालान क्यों नहीं काटते, तो मामला गरमा गया। शुएब ने न सिर्फ दरोगा को ट्रैफिक नियमों की याद दिलाई बल्कि पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल कर दिया। अब वे गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर से दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

क्या हुआ था पूरा मामला?

शुएब त्यागी के अनुसार गुरुवार दोपहर वे अपनी बाइक (यामाहा FZ) से लोनी के इंद्रपुरी इलाके में सड़क किनारे खड़ी करके किसी काम से गए थे। जब लौटे तो देखा कि लोनी थाना क्षेत्र के एक सब-इंस्पेक्टर बाइक का ई-चालान काट रहे थे। चालान की राशि देखकर शुएब हैरान रह गए – कुल 23,000 रुपये! इसमें बिना हेलमेट, बिना PUC, बिना इंश्योरेंस, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने समेत कई धाराओं के तहत जुर्माना लगाया गया था।शुएब ने तुरंत ऐतराज जताया और कहा,
“सर, मेरी बाइक तो खड़ी हुई थी। खड़ी गाड़ी का चालान कैसे काट सकते हैं? और आप खुद ड्यूटी पर नहीं, निजी बाइक से आए हैं और हेलमेट भी नहीं पहना है। कानून सबके लिए बराबर है ना? अपना भी चालान काट लीजिए।”इस पर सब-इंस्पेक्टर भड़क गए और कहा कि “तू मुझे कानून सिखाएगा?” बात बढ़ी तो शुएब ने मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि इसके बाद दरोगा ने धमकी दी – “वीडियो बनाई तो बाइक सीज करवा दूंगा।”आसपास की भीड़ जमा हो गई। लोग भी शुएब का साथ देने लगे। आखिरकार सब-इंस्पेक्टर को वहां से बाइक स्टार्ट करके चले जाना पड़ा। चालान तो कट चुका था, लेकिन शुएब ने हार नहीं मानी।

X पर वायरल हुई 3 मिनट की वीडियो

शुएब त्यागी ने पूरी घटना का लगभग 3 मिनट का वीडियो अपने X अकाउंट

@ShuaibTyagi07 पर पोस्ट कर दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दरोगा हेलमेट नहीं पहने हैं, उनकी बाइक पर कोई नंबर प्लेट भी नजर नहीं आ रही और वे अकेले निजी बाइक से आए हैं। शुएब बार-बार यही सवाल पूछ रहे हैं –
“खड़ी बाइक का चालान काटना कानूनी है क्या?”
“पुलिसवाले पर नियम लागू नहीं होते क्या?”
“अगर मैं गलत हूं तो आप भी तो गलत हैं, अपना चालान काटिए।”पोस्ट में शुएब ने लिखा:
“क्या खड़ी बाइक का चालान काटना सही है? जो आम लोगों के लिए नियम हैं, क्या वो यूपी पुलिस के लिए नहीं हैं? यूपी पुलिस को अपना सिस्टम सुधारने की जरूरत है। आज ऐसा हमारे साथ हुआ, कल आपके साथ भी हो सकता है।

@Uppolice

@GhaziabadPol

@CP_GZB से अनुरोध है कि इस अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।”24 घंटे में यह वीडियो 4 लाख से ज्यादा बार देखी जा चुकी है, 18 हजार से ज्यादा लाइक्स और 7 हजार से ज्यादा रीपोस्ट हो चुके हैं। लोग दो धड़ों में बंट गए हैं – एक पक्ष शुएब के साथ खड़ा है और कह रहा है कि पुलिस का रवैया अहंकारी है, वहीं दूसरा पक्ष कह रहा है कि नियम तोड़ने वालों को छोड़ना नहीं चाहिए, भले ही पुलिसवाला ही क्यों न हो।

कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।

कानूनी स्थिति क्या कहती है?

  1. खड़ी गाड़ी का चालान: मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 190(2) के तहत अगर गाड़ी सार्वजनिक स्थान पर खड़ी है और उसमें PUC, इंश्योरेंस या हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जैसे दस्तावेज नहीं हैं तो चालान काटा जा सकता है, भले ही गाड़ी चल रही हो या खड़ी हो।
  2. पुलिसकर्मी का हेलमेट न पहनें तो? उत्तर प्रदेश में पुलिसकर्मी जब ड्यूटी पर नहीं होते और निजी वाहन चला रहे होते हैं तो उन पर भी हेलमेट अनिवार्य है। कई बार पुलिसवाले खुद को छूट मान लेते हैं, जो गलत है।
  3. वीडियो बनाने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों में कहा गया है कि सार्वजनिक स्थान पर पुलिस की ड्यूटी का वीडियो बनाना नागरिक का मौलिक अधिकार है। इसके लिए अनुमति लेने की जरूरत नहीं।

पुलिस का पक्ष अब तक मौनइस पूरे मामले पर गाजियाबाद पुलिस और लोनी थाने की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। जब स्थानीय पत्रकारों ने लोनी थानाध्यक्ष से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि “मामला संज्ञान में है, जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।”

जनता की प्रतिक्रिया

जनता की प्रतिक्रियाX पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं:

  • “शाबाश शुएब भाई! पुलिस के आगे डटकर मुकाबला किया।”
  • “23 हजार चालान तो लूट है। खड़ी बाइक का इतना जुर्माना?”
  • “पुलिसवाले खुद नियम तोड़ें और दूसरों को पकड़ें, ये दोहरा मापदंड बंद होना चाहिए।”
  • कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि “अगर दस्तावेज नहीं थे तो चालान तो बनता है, युवक को पहले अपने कागज दुरुस्त रखने चाहिए थे।”

आगे क्या?

शुएब त्यागी ने साफ कहा है कि वे इस चालान को कोर्ट में चैलेंज करेंगे और सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय जांच की मांग कर रहे हैं। साथ ही वे सभी युवाओं से अपील कर रहे हैं कि अगर उनके साथ भी ऐसा होता है तो चुप न रहें, वीडियो बनाएं और सोशल मीडिया पर आवाज उठाएं।यह मामला एक बार फिर पुलिस और आम जनता के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है। सवाल वही पुराना है – कानून सबके लिए बराबर है या पुलिसवालों के लिए अलग नियम हैं?

RMB News Desk

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