प्रयागराज जिला कचहरी के बाहर वकीलों का उग्र प्रदर्शन: टायर जलाकर लगाया जाम, 7 घंटे के भारी हंगामे के बाद SHO लाइन हाजिर

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को उस समय कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब जिला कचहरी के बाहर सैकड़ों अधिवक्ताओं ने सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। अपने एक साथी अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर (FIR) से नाराज वकीलों ने जार्जटाउन पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कचहरी के सामने मुख्य मार्ग पर टायरों में आग लगा दी और सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया।

सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुआ यह गतिरोध लगभग सात घंटे तक चला। इस दौरान शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शाम लगभग छह बजे पुलिस के आला अधिकारियों के साथ हुई मैराथन बैठक और जॉर्जटाउन थाना प्रभारी (SHO) योगेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करने व दूसरी तरफ से भी क्रॉस एफआईआर दर्ज करने के आदेश के बाद ही अधिवक्ता शांत हुए और जाम खोला गया।

घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा (Timeline of the Protest)

बुधवार की सुबह प्रयागराज जिला न्यायालय के बाहर आम दिनों की तरह ही चहल-पहल थी, लेकिन देखते ही देखते माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।

  • सुबह 11:30 बजे (आक्रोश का विस्फोट): वकीलों का एक बड़ा समूह जिला कचहरी के मुख्य द्वार पर इकट्ठा हुआ। उन्होंने जार्जटाउन पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और सड़क पर टायर रखकर उनमें आग लगा दी। देखते ही देखते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
  • दुपहर 12:30 बजे (भारी पुलिस बल की तैनाती): हंगामे की सूचना मिलते ही कर्नलगंज सहित आसपास के कई थानों की पुलिस और पीएसी बल मौके पर पहुंच गया। डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य खुद स्थिति को संभालने के लिए घटना स्थल पर पहुंचे।
  • दुपहर 2:00 बजे (एक लेन पर आंशिक समझौता): प्रशासनिक अधिकारियों और वरिष्ठ वकीलों के बीच पहले दौर की बातचीत हुई। अधिकारियों के काफी समझाने-बुझाने के बाद अधिवक्ताओं ने सड़क की एक लेन को यातायात के लिए खाली कर दिया, लेकिन दूसरी लेन पर वे डटे रहे।
  • शाम 5:00 बजे (अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक): पुलिस लाइन में एडिशनल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) डॉ. अजयपाल शर्मा और डीसीपी सिटी के साथ अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों की बंद कमरे में बैठक शुरू हुई। वकीलों ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई और रेस्टोरेंट संचालक को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया।
  • शाम 6:00 बजे (निर्णय और समझौता): प्राथमिक जांच में जॉर्जटाउन एसएचओ की लापरवाही सामने आने के बाद उन्हें तत्काल लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही पीड़ित मकान मालिक (अधिवक्ता पक्ष) की तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज करने (क्रॉस एफआईआर) का आदेश दिया गया, जिसके बाद वकीलों ने अपना धरना समाप्त किया।

क्या है पूरा मामला? (The Core Dispute)

इस पूरे विवाद की जड़ दो दिन पहले (सोमवार को) जॉर्जटाउन थाना क्षेत्र में घटित एक घटना से जुड़ी है। अधिवक्ताओं के अनुसार, पूरा मामला संपत्ति विवाद और पुलिस की एकतरफा कार्रवाई का है:

1. अवैध कब्जे और बकाए का आरोप

प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने बताया कि जिला अदालत के उनके साथी अधिवक्ता ओम मिश्रा का जॉर्जटाउन इलाके में एक मकान है। इस मकान को उन्होंने एक रेस्टोरेंट संचालक को किराए पर दे रखा है। आरोप है कि रेस्टोरेंट संचालक ने लंबे समय से न तो मकान का किराया दिया है और न ही पानी व बिजली का बिल जमा किया है। मकान मालिक का आरोप है कि रेस्टोरेंट संचालक उनकी संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा जमाने की कोशिश कर रहा है।

2. रेस्टोरेंट की आड़ में अनैतिक गतिविधियां

अधिवक्ताओं ने पुलिस अधिकारियों के सामने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि उक्त रेस्टोरेंट की आड़ में संदिग्ध और अवैध कार्य किए जा रहे थे। इस संबंध में स्थानीय जार्जटाउन पुलिस को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन पुलिस ने रेस्टोरेंट संचालक के रसूख के आगे घुटने टेक दिए और कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की।

3. समझौते के बाद पुलिस का यू-टर्न

दो दिन पहले विवाद बढ़ने पर मकान मालिक (अधिवक्ता ओम मिश्रा) ने अपने मकान पर ताला लगा दिया। इस पर रेस्टोरेंट संचालक और उसके कर्मचारियों ने मकान मालिक के साथ बदसलूकी और गाली-गलौज शुरू कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई।

थाने में दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता हुआ, जिसमें रेस्टोरेंट संचालक ने स्वीकार किया कि वह दो दिन के भीतर सारा बकाया किराया चुका देगा। इस लिखित आश्वासन के बाद मकान मालिक वापस लौट आए। लेकिन वकीलों का आरोप है कि पुलिस ने इस समझौते को ताक पर रखकर, रेस्टोरेंट संचालक की शह पर उल्टा मकान मालिक और उनके साथ गए साथी अधिवक्ताओं के खिलाफ ही गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर दी।

वकीलों की मांगें और पुलिस प्रशासन का रुख

बुधवार सुबह जैसे ही वकीलों को अपने साथियों पर दर्ज हुई इस एकतरफा एफआईआर की जानकारी मिली, उनका गुस्सा फूट पड़ा। वकीलों ने सड़क जाम कर मुख्य रूप से तीन मांगें प्रशासन के सामने रखीं:

  1. साथी अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे से तुरंत गंभीर धाराएं हटाई जाएं।
  2. जार्जटाउन एसएचओ योगेंद्र कुमार को उनके पद से तत्काल निलंबित (सस्पेंड) किया जाए।
  3. मकान मालिक (अधिवक्ता पक्ष) की तहरीर पर रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ तुरंत क्रॉस एफआईआर दर्ज की जाए।
मांगें (Demand)प्रशासन का निर्णय (Decision)स्थिति (Status)
एसएचओ को सस्पेंड करनाएसएचओ योगेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया।स्वीकृत
क्रॉस एफआईआर दर्ज करनामकान मालिक की तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज करने का आदेश।स्वीकृत
गंभीर धाराएं हटानामामले की निष्पक्ष जांच के बाद न्यायसंगत कार्रवाई का भरोसा।आश्वासन

आम जनता को झेलनी पड़ी भारी परेशानी

कचहरी के सामने मुख्य मार्ग पर टायरों में आग लगाकर किए गए इस प्रदर्शन के कारण प्रयागराज के कर्नलगंज, जार्जटाउन और सिविल लाइंस को जोड़ने वाले मुख्य रास्तों पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया।

  • दोपहर के समय भीषण गर्मी में राहगीर, स्कूली बच्चे और महिलाएं घंटों जाम में फंसे रहे।
  • यद्यपि पुलिस ने यातायात डायवर्ट करने की कोशिश की, लेकिन कचहरी मार्ग शहर का मुख्य हृदय स्थल होने के कारण वैकल्पिक मार्ग भी वाहनों के दबाव को झेल नहीं पाए।
  • शाम को जब एक लेन खोली गई, तब जाकर रेंगते हुए वाहनों को निकाला जा सका।

जिम्मेदार अधिकारियों का आधिकारिक वक्तव्य

इस पूरे मामले के शांत होने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया को बयान जारी किया।

डीसीपी सिटी, मनीष कुमार शांडिल्य ने कहा:

“मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों को सुना गया है। प्रथमदृष्टया जॉर्जटाउन थाना प्रभारी (SHO) की कार्यप्रणाली में लापरवाही सामने आई है, जिसके कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके साथ ही, मकान मालिक (अधिवक्ता पक्ष) की ओर से दी गई तहरीर पर भी सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।”

अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समझौते के तहत निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं की और उनके साथियों पर दर्ज फर्जी मुकदमे को वापस नहीं लिया, तो वे दोबारा कार्य बहिष्कार कर बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कचहरी के बाहर अतिरिक्त बल तैनात रखा है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

RMB News Desk

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