भारत बाहर की दुनिया में “ब्राह्मणों का देश” (Country of Brahmins) के रूप में प्रसिद्ध था-ब्राह्मण यहाँ के सबसे प्राचीन, जड़‑मूलनिवासी

Please Share

India was known to the outside world as the “Country of Brahmins”—the Brahmins being the oldest, indigenous inhabitants of the land.

ह्वेनसांग के वर्णन से यह स्पष्ट होता है कि भारत बाहर की दुनिया में “ब्राह्मणों का देश” (Country of Brahmins) के रूप में प्रसिद्ध था, जिससे यह धारणा मज़बूत होती है कि ब्राह्मण यहाँ के सबसे प्राचीन, जड़‑मूलनिवासी समूहों में गिने जाते थे।​

ह्वेनसांग कौन थे

  • ह्वेनसांग (Xuanzang) चीन के प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु, विद्वान और यात्री थे, जो 630–645 ईस्वी के बीच लगभग 15 वर्ष भारत में रहे।
  • उनकी यात्रा‑वृत्त “सी‑यू‑की” (Records of the Western World) भारत के राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन का प्रत्यक्षदर्शी विवरण देती है, जिस पर आधुनिक इतिहासकार भी भरोसा करते हैं।​

“ब्राह्मणों का देश” वाला कथन

  • ह्वेनसांग स्पष्ट लिखते हैं कि उस समय विदेशी भारत को “ब्राह्मणों का देश” (Country of Brahmins) के नाम से जानते थे, और वे बताते हैं कि ब्राह्मण‑धर्म की प्रधानता के कारण ही यह नाम प्रचलित हुआ।
  • वे यह भी नोट करते हैं कि संस्कृत यहाँ के शिक्षित वर्ग की मुख्य भाषा थी और महान बौद्ध आचार्य भी इसी भाषा का उपयोग करते थे, जो ब्राह्मण विद्वत्ता और उनकी दीर्घ परम्परा को रेखांकित करता है।

ब्राह्मणों की सामाजिक स्थिति

  • वे लिखते हैं कि राजा प्रायः क्षत्रिय होते हैं, पर धार्मिक‑सांस्कृतिक नेतृत्व ब्राह्मणों के हाथ में है, जिससे स्पष्ट है कि शासक बदलते रहते हैं पर संस्कृत‑वेदाधारित ब्राह्मण परम्परा स्थायी और प्राचीन मानी जाती थी।

मूलनिवासित्व की दिशा में तर्क

  • ह्वेनसांग के लिए भारत स्वयं “इन्‑तु” नाम से चन्द्रमा की भाँति जगत को प्रकाश देने वाला देश है, क्योंकि यहाँ के “ऋषि‑मुनि और महान पुरुष” संसार का मार्गदर्शन करते हैं। इस वर्णन में जिन “पवित्र पुरुषों” की परम्परा का उल्लेख है, वे मुख्यतः वेद, उपनिषद, स्मृति आदि रचनाओं से जुड़े ऋषि‑परिवार हैं, जिन्हें बाद की परम्परा ब्राह्मण वंश मानती है।​
  • यदि सातवीं शताब्दी तक विदेशी यात्री भारत को ही ब्राह्मणों का देश कह रहे हैं, संस्कृत‑वेद को यहाँ की मूल और प्रतिष्ठित परम्परा मान रहे हैं, और ब्राह्मणों को सबसे प्राचीन, प्रतिष्ठित वंश के रूप में देखते हैं, तो यही ऐतिहासिक संकेत देता है कि ब्राह्मणों को देश का मूल निवासी, आदि‑संस्कृति का वाहक समझा जाता था, न कि किसी हाल की बाहरी जाति के रूप में।

ह्वेनसांग ने भारत को “ब्राह्मणों का देश” इसलिए कहा, क्योंकि उनकी दृष्टि में यहाँ की धार्मिक‑सांस्कृतिक पहचान का सबसे प्राचीन और प्रभावशाली केंद्र ब्राह्मण ही थे।​

ब्राह्मणों की उच्च प्रतिष्ठा

  • ह्वेनसांग लिखते हैं कि विभिन्न जातियों‑कुलों में ब्राह्मण “सबसे शुद्ध” हैं और समाज में “बहुत ऊँचे सम्मान” के पात्र हैं।​
  • वह नोट करते हैं कि राजा भले क्षत्रिय हों, पर धर्म, शिक्षा और दर्शन का नेतृत्व ब्राह्मणों के हाथ में है, इसलिए भारत की पहचान ही उनके नाम से जुड़ गई।​

“ब्राह्मणों का देश” नाम कैसे चला

  • एक अध्ययन में ह्वेनसांग के कथन का अनुवाद है: “भारत की विभिन्न जातियों में ब्राह्मण सबसे पवित्र और आदरणीय हैं, इसी अच्छी ख्याति के कारण भारत का सामान्य नाम ‘ब्राह्मणों का देश’ हो गया।”​
  • अर्थात बाहर की दुनिया भारत को उस समुदाय से पहचानती थी जो सबसे पुराना, विद्वान और धार्मिक परम्परा का वाहक माना जाता था, इसलिए उन्हें देश के मूल निवासी‑सम प्रतिनिधि के रूप में देखा गया।​

प्राचीनता और मूलनिवास का संकेत

  • ह्वेनसांग यह भी बताते हैं कि भारत ऋषि‑मुनियों और “पवित्र पुरुषों” की भूमि है, जिनकी दीर्घ परम्परा ने इस देश को विशेष बनाया और जिन्हें अन्य देशों ने आदर से देखा।​
  • इन “ऋषि‑परम्पराओं” को ही बाद की परम्परा मुख्यतः ब्राह्मण वंशों से जोड़ती है, इसीलिए ह्वेनसांग के वर्णन से यह धारणा निकलती है कि ब्राह्मणों को भारत की आदिम, मूल सभ्यता का प्रमुख निवासी माना जाता था।​
  • ह्वेनसांग न तो भारतीय ब्राह्मण परम्परा के प्रचारक थे, न किसी जाति‑विशेष के प्रतिनिधि; फिर भी वे बार‑बार भारत को “ब्राह्मणों का देश”, ब्राह्मणों को सर्वाधिक सम्मान‑योग्य, और संस्कृत‑वेद को यहाँ की मूल विद्या परम्परा के रूप में उल्लेखित करते हैं।
  • इस प्रकार उनकी स्वतंत्र, प्रत्यक्षदर्शी गवाही से यह ऐतिहासिक तर्क मज़बूत होता है कि ब्राह्मणों को भारत की मूल, आदिम सभ्यता के प्रतिनिधि और इसी भूमि के मूलनिवासी के रूप में देखा जाता था; ह्वेनसांग का पूरा वर्णन इसी धारणा का समर्थन करता है।
Country of Brahmins
  1. https://ppl-ai-file-upload.s3.amazonaws.com/web/direct-files/attachments/images/155271361/2d7677c6-7739-4543-a41a-bd8d3c45bb83/G87kIkvaEAA7dmG.jpg?AWSAccessKeyId=ASIA2F3EMEYEXYQCOHZB&Signature=wH8INyMDC7RY6yOyn6A1EtlF4sg%3D&x-amz-security-token=IQoJb3JpZ2luX2VjEGsaCXVzLWVhc3QtMSJHMEUCIE16vZ5UnRZwKCjAei3DjK4O3Jr5Pp%2BVPpbiKOX2n4sdAiEAsKXaeTUOZkm6IsgH26ji6XIUtM1qqLTaCisZRqQdGBMq8wQINBABGgw2OTk3NTMzMDk3MDUiDLxU7m5D6XvZ67kEGirQBLSTnKjXmUMXqG64j0JVF7NostUlKws9WFrDQf%2FN7K%2FlHetmz8CaAzavkwosqfucH7oJ1rPnZfhyQ47wexHPSdl9fz432uzqFAMpdBAtcpIJQmvvW6u6eUZlEL6OuWYmZXe0PqG4U0eI%2BNvv9WsRbzfBd0VDDbZpEMEwEBYEAQfzgs1gj%2B1s%2B0YYXWrMbh3OH%2BL97NzEPWZJW1opmxW43cEP7H%2BoupUnkNc1NAnd3wCFjnHmpOlxK1zEd8wObrqwmJHHrEVZi2BozVLobD9HJ8Z5i8cftze%2Fapzr7%2FMkcUKNguq99Ecw%2BAyD1%2BjMMID1jWFkfhWhgIemRA%2FsKFOPhV04CoXZHBUdGow3aezE4yfYrWbuVmWFop6rm0TliJFXV5GeAzdyOgrIY8%2F8vU8keBhu7Agg2bdyrK9snkg3ec9Jakb14P056R6cCWyPIwx8hzM0J9cXqD2t%2F3wdLoFUOUqkqjAEByyiBNMVE1Oqz5lR1I%2FpQccU1yjZAyZjqKzFcifk1mlCRx667SOgLL6uMkY4EatkG89kBQnB23xGH678CtV9BdQkRP%2FlF05mG0Xtu0SxWck8hJ3JD%2FQWTVvTwrBS00bdvpr43vqOT0LgpfgkdtAxsklrdwXVTmqWep2TglWGhbGaChv1hsabOwz8bVyUplm58mr5PuQbi2k%2BHxqHuAuylTRyvBA65%2FtCLSl9spoQclqHhITrCqyKWGh81nYwoSUsGj2VpOkTiKQaVbUVekTbXcP%2BRl12x1Y0BcqP87QgNNn6kyI26Qd5kJbyyhgwnsiyygY6mAGY4goCvI%2FQXdq%2FDTl%2BDwoD1eCFi8v2oC4vh0ajZ9uzCqnOtJOebd4dfCUcer3bkwg0awfaOpYOMpcwnDgkCogKVzP8JQBmhttpiHcTO7VSG1rPSnU%2BEeUE0v0CbstRC8icC1tqhOlrZecKllTLqjzNEwTji2rfNAcasf1fM0Y9W94b2wMGRLCJCk9gBPm%2Fod7K57eyQ0s1%2FQ%3D%3D&Expires=1766632602
  2. https://en.wikiquote.org/wiki/Xuanzang
  3. https://www.britannica.com/biography/Xuanzang
  4. https://buddhism.redzambala.com/china-teachers/xuanzang-traveller.html
  5. https://www.vandemataram.com/www/vindex.jsp?sno=106
  6. https://en.wikipedia.org/wiki/Xuanzang
  7. https://iep.utm.edu/xuanzang/
  8. https://www.reddit.com/r/IndianHistory/comments/1hyla4a/descriptions_of_buddhism_and_hinduism_by_xuanzang/
  9. https://artsandculture.google.com/story/travels-of-xuanzang-629-645-ce-xuanzang-memorial-nava-nalanda-mahavihara/9gVR3GyICUOmKg?hl=en
  10. https://kalampedia.org/2021/11/12/what-this-7th-century-chinese-scholar-saw-in-india/
  11. https://www.reddit.com/r/Northeastindia/comments/1gh43nn/hiuen_tsang_a_chinese_pilgrim_reports_on_kamarupa/

Rakesh Pandey

राकेश पांडेय मुख्य संपादक रिलाएबल मीडिया भारत है, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता में 20 वर्षो से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।