PIAT संस्थान के खिलाफ साजिश और दुष्प्रचार का आरोप, निदेशक बोले- जांच में कर रहे पूरा सहयोग

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प्रयागराज। सिविल लाइंस स्थित प्रोफेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (PIAT) ने अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे दुष्प्रचार और भ्रामक सूचनाओं को संस्थान को बदनाम करने व अवैध वसूली की साजिश करार दिया है। संस्थान का कहना है कि गलत तथ्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिसकी पुलिस विवेचना जारी है और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

शनिवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में PIAT के निदेशक डॉ. अंसार अहमद ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि संस्थान वर्ष 2024 से स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय का अधिकृत ट्रेनिंग पार्टनर है। यहाँ राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के तहत बी.वोक. (B.Voc.) के विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं।

परीक्षाओं और अंकपत्रों पर दी सफाई

निदेशक डॉ. अंसार अहमद ने कहा कि पिछले दो सत्रों की परीक्षाओं के बाद विश्वविद्यालय स्तर से अंकपत्र (मार्कशीट) जारी होने में देरी हुई थी, जिसका फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्वों ने भ्रम फैलाने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस जांच के दौरान विश्वविद्यालय ने आधिकारिक तौर पर यह साफ कर दिया है कि संस्थान द्वारा आयोजित परीक्षाएं और उनके परिणाम पूरी तरह वैध और वास्तविक हैं। PIAT केवल ट्रेनिंग पार्टनर है; अंकपत्र जारी करना, परिणाम घोषित करना या नए पाठ्यक्रमों को स्वीकृति देना पूरी तरह से विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।

साइबर क्राइम थाने में जारी है विवेचना

साइबर क्राइम थाना, प्रयागराज में दर्ज मुकदमे के संबंध में डॉ. अंसार ने दावा किया कि संस्थान शुरुआत से ही जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है। विवेचना में अब तक संस्थान की ओर से किसी भी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता की बात सामने नहीं आई है। पूरे मामले की जानकारी जिलाधिकारी प्रयागराज को भी दे दी गई है।

दुष्प्रचार करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

पत्रकार वार्ता में मौजूद संस्थान के अधिवक्ता सचिन शर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ अराजक तत्व फर्जी सोशल मीडिया आईडी का सहारा लेकर छात्रों को भड़का रहे हैं और संस्थान पर अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी मामलों का विधिक परीक्षण कराया जा रहा है और दुष्प्रचार करने वाले दोषियों के खिलाफ मानहानि सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संस्थान प्रबंधन ने दोहराया कि छात्रों के हितों की रक्षा करना उनकी पहली प्राथमिकता है और वे भविष्य में भी प्रशासन को जांच में हर स्तर पर पूर्ण सहयोग देते रहेंगे।

Rakesh Pandey

राकेश पांडेय मुख्य संपादक रिलाएबल मीडिया भारत है, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता में 20 वर्षो से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।