इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन: नवनिर्वाचित महासचिव संतोष कुमार मिश्रा ने संभाला मोर्चा
प्रयागराज, 28 सितंबर, 2026: इलाहाबाद उच्च न्यायालय के बार एसोसिएशन के हालिया और अत्यंत रोमांचक चुनावों में जीत हासिल करने के बाद, नवनिर्वाचित महासचिव संतोष कुमार मिश्रा ने अपनी जीत के तुरंत बाद एक महत्वपूर्ण प्रेस मिलन वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की कि उनके कार्यकाल के दौरान “अ अधिवक्ताओं का हित सर्वोपरि” रहेगा। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंनेकी बार बिरादरी से जो भी वादे किए थे, उन्हें धरातल पर उतारने के लिए वह पूरी प्रतिबद्धता और निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।
यह जीत केवल एक पद की प्राप्ति नहीं है, बल्कि यह हजारों अधिवक्ताओं के उस विश्वास की जीत है जो उन्होंने न्याय और निष्पक्षता के पक्ष में जताया है। महासचिव संतोष कुमार मिश्रा ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनके लिए बार के हर एक सदस्य का हित सबसे पहले आता है, और वह अपनी इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए किसी भी हद तक संघर्ष करने को तैयार हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता: कैशलेस सुविधा और अस्पतालों में अलग काउंटर
अधिवक्ताओं के स्वास्थ्य और उनके कल्याण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखते हुए, महासचिव संतोष कुमार मिश्रा ने चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कई ठोस योजनाओं का खाका खींचा। उन्होंने कहा कि एक वकील दिनभर कचहरी और अदालतों की दौड़भाग में अपने स्वास्थ्य की परवाह किए बिना मुकदमों की पैरवी करता है, ऐसे में उनके और उनके परिवार के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना बार एसोसिएशन की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी है।
- अस्पतालों में अलग काउंटर: शहर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों जैसे एसआरएन अस्पताल (स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल), एस.आर.एन., बेली अस्पताल और काल्विन अस्पताल में अधिवक्ताओं के लिए अलग से विशेष काउंटर की व्यवस्था स्थापित कराने का उनका पुरजोर प्रयास रहेगा। इससे अधिवक्ताओं को लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी और आपातकालीन स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जा सकेगी।
- कैशलेस हेल्थ कार्ड: अधिवक्ताओं और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए विशेष कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा कार्ड जारी कराने की दिशा में वह तत्काल प्रभाव से कार्य करेंगे। इसके लिए शासन, संबंधित स्वास्थ्य विभागों और प्रतिष्ठित अस्पताल प्रबंधन के साथ उच्च स्तरीय वार्ताएं की जाएंगी, ताकि वकीलों को इलाज के दौरान वित्तीय संकट या कड़े प्रशासनिक नियमों का सामना न करना पड़े।
सुगम यातायात और जाम की समस्या का स्थायी समाधान
प्रयागराज में हाईकोर्ट के आसपास का क्षेत्र अक्सर भारी ट्रैफिक और जाम की समस्या से जूझता रहता है। इस गंभीर समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए महासचिव ने कहा कि यातायात की यह बाधा न केवल वकीलों के बहुमूल्य समय को नष्ट करती है, बल्कि दूर-दराज से आने वाले वादकारियों (मुवक्किलों) के लिए भी भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सबब बनती है।
- जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय वार्ता: इस समस्या का त्वरित और स्थायी समाधान निकालने के लिए वह जल्द ही जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और यातायात विभाग के उच्चाधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
- रणनीति: हाईकोर्ट परिसर के आसपास अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और वाहनों के बेतरतीब संचालन पर रोक लगाने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे आवागमन पूरी तरह सुगम और सुरक्षित हो सके।
पारदर्शी चेंबर आवंटन और युवा अधिवक्ताओं को प्राथमिकता
अधिवक्ता समाज में चैंबर का मुद्दा हमेशा से एक संवेदनशील और अत्यंत महत्वपूर्ण विषय रहा है। इस पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए संतोष कुमार मिश्रा ने विश्वास दिलाया कि चैंबर आवंटन की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा।
- युवाओं को संबल: उन्होंने कहा कि वकालत के शुरुआती दौर में युवा अधिवक्ताओं को बैठने और अपने मुवक्किलों से मिलने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इसलिए नई व्यवस्था में युवा और वास्तव में जरूरतमंद अधिवक्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वे बिना किसी मानसिक दबाव के अपने पेशेवर जीवन को संवार सकें।
- पारदर्शिता और निष्पक्षता: आवंटन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरी व्यवस्था अधिवक्ताओं की सामूहिक मंशा के अनुरूप ही संचालित होगी।
मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात और सहकर्मियों के प्रति आभार
अपने संबोधन के अंत में महासचिव संतोष कुमार मिश्रा ने घोषणा की कि वह बहुत जल्द माननीय मुख्य न्यायाधीश से शिष्टाचार भेंट करेंगे और उनसे मिलकर अधिवक्ताओं की गंभीर समस्याओं, न्यायिक कार्यों की सुगमता और बार व बेंच के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
उन्होंने अपने सभी समर्थकों और शुभचिंतकों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा:
“जो अधिवक्ता भाई इस कठिन चुनाव यात्रा में मेरे साथ चट्टान की तरह खड़े रहे, मैं उनके हर सुख-दुख में और उनकी हर समस्या के समाधान के लिए सदैव उनके साथ खड़ा रहूंगा। बार के सम्मानित सदस्यों ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उसके लिए मैं हृदय से धन्यवाद और आभार ज्ञापित करता हूँ।”
प्रेस मिलन वार्ता में प्रमुख रूप से उपस्थित गणमान्य अधिवक्तागण
इस महत्वपूर्ण प्रेस मिलन और विजयोत्सव के अवसर पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के तमाम वरिष्ठ और युवा अधिवक्ता तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं:
- अधिवक्ता अशोक शुक्ला
- अधिवक्ता हेमंत दुबे
- अधिवक्ता आदिल अहमद खान
- अधिवक्ता प्रवीण त्रिपाठी
- अधिवक्ता विनय कुमार मिश्रा
- अधिवक्ता बृजेश कुमार चतुर्वेदी
- अधिवक्ता मलय शर्मा
- शैलेंद्र कुमार मिश्रा (अध्यक्ष, ब्राह्मण परिषद उत्तर प्रदेश)
- संजीव कुमार मिश्रा (सचिव, ब्राह्मण परिषद उत्तर प्रदेश)
- अधिवक्ता मनोज शुक्ला
- अधिवक्ता बुद्धि सागर त्रिपाठी
- अधिवक्ता अमरनाथ तिवारी
- अधिवक्ता पवन मिश्रा
- अधिवक्ता वी. एस. त्रिपाठी
- अधिवक्ता कमल नारायण सिंह
- अधिवक्ता विश्वनाथ मिश्र
- अधिवक्ता वेद प्रकाश पांडे
- अधिवक्ता अनुपम मिश्रा
इसके अलावा भी सैकड़ों की संख्या में बार के अन्य प्रबुद्ध अधिवक्तागण मौजूद रहे जिन्होंने नवनिर्वाचित महासचिव का फूल-मालाओं से स्वागत किया और उनके कार्यकाल की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। इस आयोजन ने पूरे हाईकोर्ट परिसर में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर दिया है।

राकेश पांडेय मुख्य संपादक रिलाएबल मीडिया भारत है, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता में 20 वर्षो से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

