प्रयागराज में PDA कार्यालय में हंगामा : विजिलेंस टीम पर कर्मचारियों का हमला, रिश्वतखोर बाबू रंगे हाथों गिरफ्तार – Uproar in PDA office
प्रयागराज।Uproar in PDA office माघ मेला की तैयारियों के बीच शहर के विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) में मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब उत्तर प्रदेश विजिलेंस की एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते एक कनिष्ठ सहायक (बाबू) को रंगे हाथों पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के ठीक बाद PDA के ही अन्य कर्मचारियों ने विजिलेंस टीम पर हमला बोल दिया। टीम को घेरकर मारपीट की गई और रिश्वतखोर बाबू को छुड़ाने की कोशिश की गई। किसी तरह विजिलेंस के जांबाज अफसरों ने बाबू को अपने कब्जे में रखा और उसे ले गए, लेकिन पूरी टीम पर हमले का मामला सामने आने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
सिविल लाइंस थाने में विजिलेंस टीम की तहरीर पर रिश्वतखोर बाबू अजय कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि हमलावर PDA कर्मचारियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा, लोकसेवक को ड्यूटी से रोकने सहित गंभीर धाराओं में अलग से FIR दर्ज की गई है। पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावर कर्मचारियों की पहचान हो सके।
सिविल लाइंस थाने में विजिलेंस टीम की तहरीर पर रिश्वतखोर बाबू अजय कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि हमलावर PDA कर्मचारियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा, लोकसेवक को ड्यूटी से रोकने सहित गंभीर धाराओं में अलग से FIR दर्ज की गई है। पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावर कर्मचारियों की पहचान हो सके।
आठ हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था बाबूपुलिस और विजिलेंस सूत्रों के अनुसार शांतिपूर्ण फाफामऊ क्षेत्र के रहने वाले प्राणेश पांडेय को PDA ने कुछ समय पहले शांतिपुरम कॉलोनी में एक आवासीय प्लॉट आवंटित किया था। प्लॉट की रजिस्ट्री कराने जब प्राणेश पांडेय PDA कार्यालय पहुंचे तो अधिष्ठान विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक अजय कुमार ने खुलेआम आठ हजार रुपये रिश्वत की मांग कर दी।
प्राणेश ने कई बार गुहार लगाई, लेकिन बाबू टस से मस नहीं हुआ। आखिरकार परेशान होकर प्राणेश पांडेय ने 8 दिसंबर 2025 को विजिलेंस स्थापना लखनऊ और प्रयागराज यूनिट में लिखित शिकायत दर्ज कराई।शिकायत मिलते ही विजिलेंस ने ट्रैप प्लान तैयार किया। मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे विजिलेंस इंस्पेक्टर के नेतृत्व में दस सदस्यीय टीम PDA मुख्यालय पहुंची।
टीम में महिला कांस्टेबल भी शामिल थीं। शिकायतकर्ता प्राणेश पांडेय को साथ लेकर विजिलेंस टीम ने पहले तय निशान के आठ हजार रुपये (जिन पर केमिकल पाउडर लगाया गया था) बाबू अजय कुमार को दिए। जैसे ही अजय कुमार ने रिश्वत की रकम जेब में डाली, विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया। हाथों पर लगा केमिकल पाउडर और जेब से बरामद रिश्वत की रकम ने सारा खेल खोल दिया।
अचानक हमला, टीम को घेर लिया Uproar in PDA office
विजिलेंस टीम बाबू को काबू में लेकर चलने लगी तभी PDA के अन्य कर्मचारियों ने एकजुट होकर हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते 20-25 कर्मचारी विजिलेंस टीम को घेरकर खड़े हो गए। कुछ कर्मचारियों ने विजिलेंस अफसरों के साथ धक्का-मुक्की की, किसी ने कॉलर पकड़ लिया तो किसी ने मोबाइल छीनने की कोशिश की। हंगामा बढ़ता देख विजिलेंस टीम ने तुरंत डायल-112 को सूचना दी। मौके पर पहुंची सिविल लाइंस पुलिस ने किसी तरह विजिलेंस टीम को बाहर निकाला और रिश्वतखोर बाबू को विजिलेंस के हवाले कर सुरक्षित बाहर भेजा।
विजिलेंस की तहरीर पर दो मुकदमे दर्ज
सिविल लाइंस थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राम आश्रम यादव ने बताया कि विजिलेंस टीम की तहरीर पर कनिष्ठ सहायक अजय कुमार पुत्र राम लौट यादव, निवासी करछना के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरी FIR में PDA के अज्ञात 20-25 कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147/148/149 (दंगा), 332 (लोकसेवक को चोट पहुंचाकर ड्यूटी से रोकना), 353 (सरकारी कार्य में बाधा), 504 (गाली-गलौज), 506 (धमकी) और 394 (लूट का प्रयास) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इंस्पेक्टर यादव ने बताया कि PDA कार्यालय के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ली जा रही है। फुटेज से हमलावर कर्मचारियों की शिनाख्त की जाएगी और सख्त कार्रवाई होगी।
PDA अधिकारियों ने की निंदा, जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही PDA के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। PDA उपाध्यक्ष ने विजिलेंस टीम पर हमले की कड़ी निंदा की है और कहा है कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ प्राधिकरण स्तर पर भी अलग से विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी।
विजिलेंस का सख्त रुख
प्रयागराज विजिलेंस सेक्टर के DSP ने बताया कि माघ मेला जैसे विशाल आयोजन से पहले भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। PDA जैसे महत्वपूर्ण विभाग में इस तरह की घटना शर्मनाक है। रिश्वतखोर बाबू को जल्द ही कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा, वहीं हमलावर कर्मचारियों को भी किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
शहर के नागरिकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोग कह रहे हैं कि PDA में प्लॉट आवंटन से लेकर रजिस्ट्री तक हर काम में भ्रष्टाचार चरम पर है। छोटे-छोटे कामों के लिए भी हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। विजिलेंस की इस कार्रवाई को लोग सराह रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों द्वारा टीम पर हमले से आम आदमी का भरोसा और डगमगा गया है।महाकुंभ 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं और ऐसे में PDA जैसी संस्था में भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का खुलेआम प्रदर्शन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अब देखना यह है कि इस मामले में पुलिस और विजिलेंस कितनी सख्ती दिखाती है और दोषी कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होती है।

Reliable media Desk 24/7

