प्रतापगढ़ में UP पुलिस की सनसनीखेज कार्रवाई: रीना मिश्रा और बेटी कोमल के ड्रग रैकेट का भंडाफोड़, 2.01 करोड़ नकदी और करोड़ों की हेरोइन जब्त

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प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश (9 नवंबर 2025): उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर अपराधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए प्रतापगढ़ जिले में ड्रग तस्करी के एक बड़े अंतर्राज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है। जेल में बंद कुख्यात ड्रग माफिया राजेश मिश्रा की पत्नी रीना मिश्रा और उनकी बेटी कोमल सहित परिवार के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 2.01 करोड़ रुपये से अधिक की नकद राशि और करोड़ों रुपये कीमत की हेरोइन व गांजा बरामद किया। नकदी की गिनती में ही पुलिस टीम को 22 घंटे लग गए, जो UP पुलिस के इतिहास में ड्रग्स से जुड़े किसी मामले में अब तक की सबसे बड़ी कैश रिकवरी मानी जा रही है।

यह घटना न केवल ड्रग तस्करी के खिलाफ यूपी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को दर्शाती है, बल्कि संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की सफलता का प्रतीक भी है।अगर आप ड्रग रैकेट प्रतापगढ़, रीना मिश्रा गिरफ्तार, या UP पुलिस ड्रग कार्रवाई जैसे कीवर्ड्स पर सर्च कर रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए पूरा विवरण लेकर आया है। आइए, इस सनसनीखेज घटना की गहराई में उतरें और जानें कि कैसे एक परिवार ने जेल की जंजीरों को तोड़कर ड्रग्स का साम्राज्य चला रहा था।

ड्रग रैकेट का पूरा खुलासा: कैसे चला रहा था राजेश मिश्रा का परिवार अंतर्राज्यीय नेटवर्क?

प्रतापगढ़ के मानिकपुर इलाके में स्थित राजेश मिश्रा के घर पर दबिश डालते ही पुलिस को वहां ड्रग तस्करी का पूरा साम्राज्य नजर आया। राजेश मिश्रा, जो पहले से ही नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में जेल में सजा काट रहा है, ने जेल की दीवारों के पार अपना कारोबार चला रखा था। उसकी पत्नी रीना मिश्रा मुख्य सरगना बनी हुई थीं, जबकि बेटी कोमल और बेटा विनायक सक्रिय रूप से इसमें शामिल थे। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह उत्तर प्रदेश से जुड़े अन्य राज्यों जैसे बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश तक फैला हुआ था।पुलिस की छापेमारी के दौरान रीना मिश्रा ने घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था, ताकि सबूत नष्ट किए जा सकें।

लेकिन UP पुलिस की सतर्कता ने सब बिगाड़ दिया। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने पर पुलिस ने पांचों आरोपियों को काले पन्नियों में हेरोइन और गांजा छिपाते हुए पकड़ लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि रीना मिश्रा और उसके बेटे विनायक ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर अदालत में पेश किए थे। इनकी मदद से राजेश मिश्रा की जमानत स्वीकृत कराई गई थी, लेकिन वास्तव में जमानत मिलने के बाद भी राजेश जेल से बाहर नहीं आया—बल्कि परिवार ने कारोबार को और मजबूत किया।

इस ड्रग रैकेट प्रतापगढ़ मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घर के विभिन्न कोनों से बरामद नकदी की मात्रा इतनी अधिक थी कि इसे गिनने के लिए विशेष फोर्स लगानी पड़ी। 2.01 करोड़ रुपये नकद के अलावा, करोड़ों रुपये कीमत की हेरोइन और गांजा भी जब्त किया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह नकदी अवैध ड्रग्स की बिक्री से अर्जित थी, जो अंतर्राज्यीय स्तर पर सप्लाई की जा रही थी। UP पुलिस के ड्रग्स एंड नारकोटिक्स सेल ने इस रैकेट को ध्वस्त करने के लिए महीनों से निगरानी कर रही थी।

Drug racket

गिरफ्तार आरोपियों की लिस्ट और उनकी भूमिका

  • रीना मिश्रा: गिरोह की मुख्य सरगना, जेल से निर्देश लेकर तस्करी का संचालन।
  • कोमल मिश्रा: बेटी, पैकिंग और डिस्ट्रीब्यूशन में सक्रिय।
  • विनायक मिश्रा: बेटा, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और लॉजिस्टिक्स हैंडलिंग।
  • अन्य दो सदस्य: परिवार के रिश्तेदार, जो ट्रांसपोर्टेशन में मदद करते थे।

यह गिरोह न केवल ड्रग्स की सप्लाई करता था, बल्कि युवाओं को नशे की लत लगाने के लिए सस्ते दामों पर उपलब्ध कराता था, जिससे इलाके में अपराध की दर बढ़ रही थी।

UP पुलिस की भूमिका: SP दीपक भूकर के नेतृत्व में सख्ती का नया अध्याय

इस कार्रवाई का श्रेय प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर को जाता है। दीपक भूकर पहले प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और अशरफ पर शिकंजा कसने के लिए मशहूर हैं। उनके नेतृत्व में UP पुलिस ने ड्रग माफिया के खिलाफ ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ चलाया, जिसके तहत मानिकपुर इलाके पर दबिश डाली गई। SP भूकर ने बताया, “यह कार्रवाई संगठित अपराध और ड्रग तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। हमने गिरोह की कमर तोड़ दी है और पूरे नेटवर्क को खंगाल रहे हैं। आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”UP पुलिस ने पहले भी राजेश और रीना मिश्रा की 3.06 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति वैधानिक प्रक्रिया के तहत कुर्क कर ली थी। यह नई कार्रवाई उसी श्रृंखला का हिस्सा है। ड्रग रैकेट प्रतापगढ़ के इस मामले ने साबित कर दिया कि जेल में बंद अपराधी भी अपने साम्राज्य को चला सकते हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता सब बिगाड़ देती है।

ड्रग तस्करी के खिलाफ UP सरकार की पहल

उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ड्रग्स के खिलाफ ‘नशा मुक्त उत्तर प्रदेश’ अभियान चल रहा है। इस अभियान के तहत:

  • 2024-25 में 500 से अधिक ड्रग रैकेट्स का भंडाफोड़।
  • 100 करोड़ से अधिक नकदी और ड्रग्स जब्त।
  • युवाओं के लिए जागरूकता कैंप और रिहैब सेंटर्स की स्थापना।

प्रतापगढ़ ड्रग कार्रवाई इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता है, जो अन्य जिलों के लिए उदाहरण बनेगी।

ड्रग तस्करी के खतरे: समाज पर इसका असर और रोकथाम के उपाय

ड्रग रैकेट जैसे अपराध न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हैं, बल्कि समाज के ताने-बाने को भी तोड़ते हैं। प्रतापगढ़ मामले में हेरोइन और गांजा की तस्करी से सैकड़ों युवा नशे की चपेट में आ चुके थे। रीना मिश्रा जैसे परिवारों द्वारा चलाए जा रहे नेटवर्क ने ग्रामीण इलाकों को भी अपनी जद में ले लिया था। विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रग्स से जुड़े अपराधों में 70% हिंसा और चोरी की घटनाएं बढ़ जाती हैं।इसके अलावा, अंतर्राज्यीय ड्रग रैकेट प्रतापगढ़ से जुड़े होने से पड़ोसी राज्यों में भी खतरा बढ़ गया था। UP पुलिस ने इस रैकेट को तोड़कर न केवल स्थानीय स्तर पर राहत दी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत किया। रोकथाम के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय:

  1. जागरूकता अभियान: स्कूलों और कॉलेजों में नशा विरोधी सेमिनार।
  2. तकनीकी निगरानी: ड्रोन और CCTV से बॉर्डर चेकिंग।
  3. कानूनी सख्ती: NDPS एक्ट के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट।
  4. समुदाय भागीदारी: ग्रामीणों को रिपोर्टिंग के लिए हेल्पलाइन।

यदि आप ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में योगदान देना चाहते हैं, तो UP पुलिस की हेल्पलाइन 112 पर संपर्क करें।

ड्रग माफिया के खिलाफ यूपी पुलिस की अमिट छाप

प्रतापगढ़ में रीना मिश्रा और बेटी कोमल के ड्रग रैकेट का पर्दाफाश न केवल एक पुलिस कार्रवाई है, बल्कि अपराध के खिलाफ एक संदेश भी। 2.01 करोड़ नकदी गिनने में लगे 22 घंटे और करोड़ों की हेरोइन जब्ती ने साबित कर दिया कि UP पुलिस किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटती। SP दीपक भूकर जैसे अधिकारीयों की मेहनत से उत्तर प्रदेश ड्रग फ्री बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।यह घटना हमें याद दिलाती है कि अपराध का कोई भेदभाव नहीं होता—चाहे वह जेल में हो या बाहर। अगर आप रीना मिश्रा गिरफ्तार या UP ड्रग कार्रवाई से जुड़ी अपडेट्स चाहते हैं, तो हमारी वेबसाइट पर बने रहें। ड्रग तस्करी के खिलाफ लड़ाई में जागरूक रहें, रिपोर्ट करें और समाज को मजबूत बनाएं।

RMB News Desk

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