लखनऊ की ‘बादाम क्वीन’ नसरीन आखिरकार पकड़ी गई मणिपुर से मंगाती थी कच्चा अफीम, घर में ही बनाती थी हाई-ग्रेड ब्राउन शुगर
Almond Queen Nasreen has finally been caught मणिपुर से मंगाती थी कच्चा अफीम, घर में ही बनाती थी हाई-ग्रेड ब्राउन शुगर
लखनऊ पुलिस और STF की संयुक्त कार्रवाई में 48 वर्षीय महिला तस्कर गिरफ्तार, 18 किलो ब्राउन शुगर बरामद, कीमत करीब 20 करोड़लखनऊ, 11 दिसंबर 2025 गोमतीनगर के पॉश इलाके में रहने वाली 48 वर्षीय नसरीन बानो उर्फ ‘बादाम क्वीन’ को आखिरकार लखनऊ पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दबोच ही लिया।
लंबे समय से पुलिस की रडार पर थी यह महिला, जिसने अपने घर को हाई-टेक ब्राउन शुगर लैब में बदल रखा था। मणिपुर से कच्चा अफीम (रॉ ओपियम) मंगवाती थी और खुद ही उसे प्रोसेस करके नंबर-4 ग्रेड की ब्राउन शुगर (हैरोइन) तैयार करती थी।बुधवार देर रात गोमतीनगर के विभूति खंड में स्थित उसके लग्जरी फ्लैट पर छापा मारकर पुलिस ने 18 किलो 200 ग्राम तैयार ब्राउन शुगर बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इसके अलावा 42 किलो कच्चा अफीम, केमिकल, प्रेशर कुकर, गैस बर्नर, इलेक्ट्रिक हीटर, फिल्टर मशीन और पैकिंग सामग्री भी जब्त की गई।
कैसे मिला था ‘बादाम क्वीन’ नाम?
नसरीन अपने ग्राहकों को ब्राउन शुगर की पुड़िया ‘बादाम’ कहकर बेचती थी। व्हाट्सऐप पर मैसेज करती – “बादाम आ गया, एकदम फ्रेश और क्रंची।” यही कोडवर्ड था उसका। लखनऊ के बड़े-बड़े क्लब, पब और कॉलेजों के बाहर उसके एजेंट इसी कोड में डिलीवरी करते थे। इसलिए अंडरविंदो पार्क से लेकर हजरतगंज तक के नशे के कारोबार में वह ‘बादाम क्वीन’ के नाम से मशहूर हो गई थी।
मणिपुर कनेक्शन कैसे बना?
पुलिस के अनुसार नसरीन का भतीजा अफजल (वर्तमान में फरार) मणिपुर में रहता है। वहां के जंगलों से कच्चा अफीम इकट्ठा करके कोरियर और हवाला के जरिए लखनऊ भेजा जाता था। एक बार में 30-40 किलो तक माल आता था। नसरीन ने अपने फ्लैट के एक कमरे को पूरी तरह सील कर दिया था – बाहर से लगता था जिम रूम है, लेकिन अंदर केमिकल की तेज गंध और मशीनों की आवाज आती थी। पड़ोसी शिकायत करते थे कि “रात में कोई फैक्ट्री चलती है क्या?”, लेकिन कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि पॉश सोसाइटी में इतना बड़ा ड्रग लैब चल रहा है।
कैसे पकड़ी गई? Almond Queen Nasreen has finally been caught
तीन महीने पहले STF को एक इनपुट मिला था कि लखनऊ में कोई महिला बड़े लेवल पर नंबर-4 हैरोइन सप्लाई कर रही है। इसके बाद पुलिस ने उसके नंबर की CDR खंगाली, व्हाट्सऐप चैट रिकवर कीं। कोडवर्ड ‘बादाम’ बार-बार आ रहा था। एक अंडरकवर एजेंट ने ग्राहक बनकर उससे संपर्क किया और 50 ग्राम का ऑर्डर दिया। डिलीवरी लेते ही पुलिस ने नसरीन के दो एजेंटों को पकड़ लिया। पूछताछ में सारा नेटवर्क खुल गया।बुधवार रात 2 बजे जब टीम उसके फ्लैट पर पहुंची तो नसरीन आराम से सो रही थी। दरवाजा खुलते ही उसने कहा, “अरे भईया, बादाम तो कल आएगा।” पुलिस ने जब पूछा कितना माल है, तो वह हंसते हुए बोली, “ज्यादा नहीं, बस 18-20 किलो।” पुलिस वाले भी दंग रह गए।

परिवार क्या कहता है?
नसरीन का पति 2019 में गुजर गया था। दो बेटियां हैं, दोनों दुबई में सेटल हैं। एक बेटी ने फोन पर कहा, “मम्मी तो घर पर रहती थीं, हमें क्या पता था कि ऐसा कुछ कर रही हैं।” पड़ोसियों का कहना है कि नसरीन बहुत शरीफ और परदे में रहने वाली औरत लगती थी। सुबह नमाज पढ़ती, शाम को कुरान शरीफ पढ़ती। कोई सोच भी नहीं सकता था कि यही औरत रात में ड्रग क्वीन बन जाती है।
पुलिस का दावा
ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह लखनऊ के नशे के कारोबार में अब तक की सबसे बड़ी गिरफ्तारी है। नसरीन अकेली नहीं थी, उसका पूरा नेटवर्क था – मणिपुर से सप्लाई, लखनऊ में मैन्युफैक्चरिंग और उत्तर भारत में डिस्ट्रीब्यूशन। हम बाकी लोगों को भी जल्द पकड़ेंगे।”
अब तक की कार्रवाई
- नसरीन बानो (48) गिरफ्तार
- 18.2 किलो ब्राउन शुगर बरामद (कीमत ≈ 20 करोड़)
- 42 किलो कच्चा अफीम बरामद
- 7 मोबाइल, 3 लग्जरी गाड़ियां, 22 लाख नकद जब्त
- NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज
पुलिस का कहना है कि नसरीन पिछले 6-7 साल से इस धंधे में थी। पहले छोटे लेवल पर काम करती थी, लेकिन कोविड के बाद उसने अपना पूरा सेटअप लगा लिया। उसका टर्नओवर महीने का 3-4 करोड़ था।लखनऊ की यह ‘बादाम क्वीन’ अब जेल की सलाखों के पीछे है, लेकिन उसकी लग्जरी जिंदगी का अंत हो गया है। पर सवाल यह भी है कि एक पॉश सोसाइटी के अंदर इतने बड़े ड्रग लैब को कोई कैसे नहीं देख पाया? क्या हमारी सोसाइटीज वाकई सुरक्षित हैं?
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रणधीर आनंद पांडेय ब्यूरो चीफ रिलाएबल मीडिया भारत बस्ती ,उत्तर प्रदेश है RMB में 10 वर्षो से रहकर पत्रकारिता कर रहे है।

