सोनभद्र: कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल कोलकाता से गिरफ्तार, 7.53 लाख शीशियां काले बाजार में खपाने का आरोप-Mastermind Bhola Prasad Jaiswal arrested from Kolkata

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Mastermind Bhola Prasad Jaiswal arrested from Kolkata उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कफ सिरप तस्करी के कथित मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल को सोनभद्र पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। भोला जायसवाल ड्रग माफिया शुभम जायसवाल का पिता बताया जा रहा है और वह विदेश भागने की फिराक में था। गिरफ्तारी से पहले वह कोलकाता में छिपा हुआ था और विदेश भागने के लिए टिकट भी बुक करा चुका था।सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर ड्रग माफिया और नशीले कफ सिरप की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में यह सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) और क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने एसआईटी और एसओजी की मदद से कोलकाता में दबिश देकर भोला प्रसाद जायसवाल को धर-दबोचा।

विदेश भागने की थी पूरी तैयारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, भोला प्रसाद जायसवाल वाराणसी के आदमपुर क्षेत्र का निवासी है। वह पिछले कई दिनों से फरार चल रहा था और कोलकाता में किसी रिश्तेदार के यहां छिपा था। उसने विदेश भागने के लिए पासपोर्ट और टिकट की व्यवस्था कर ली थी। जैसे ही पुलिस को उसकी लोकेशन की पुख्ता जानकारी मिली, तुरंत टीम रवाना की गई और उसे दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कोलकाता कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन किया है। रिमांड मिलते ही उसे सोनभद्र लाया जाएगा।

मामला क्या है?

यह पूरा मामला 18 अक्टूबर 2025 की रात का है जब सोनभद्र पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में दो बड़े कंटेनर कफ सिरप की बड़ी खेप लेकर आ रहे हैं। चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो कंटेनरों से कुल 1,19,675 शीशियां नशीली कफ सिरप (मुख्य रूप से फेंसेडिल) बरामद कीं। पूछताछ में चालकों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए।इसी क्रम में गिरफ्तार आरोपियों बृज मोहन और शिवहरि की निशानदेही पर सोनभद्र पुलिस ने गाजियाबाद में संयुक्त ऑपरेशन चलाया। वहां चार ट्रकों से भारी मात्रा में कफ सिरप के साथ-साथ 20 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए, जो इस धंधे की फंडिंग के लिए थे। जांच में पता चला कि यह पूरा नेटवर्क भोला प्रसाद जायसवाल चला रहा था।

7.53 लाख शीशियां और 25 करोड़ का फर्जीवाड़ा

एसआईटी की गहन जांच में सामने आया है कि भोला प्रसाद जायसवाल ने फर्जी फर्मों के जरिए पिछले डेढ़ साल में 7 लाख 53 हजार से ज्यादा नशीली कफ सिरप की शीशियां काले बाजार में खपाई हैं। इसके लिए उसने झारखंड के रांची में मेसर्स शैली ट्रेडर्स, सोनभद्र के बरकरा गांव में मां कृपा मेडिकल और मेसर्स शिवक्षा प्राइवेट लिमिटेड जैसी फर्मों का इस्तेमाल किया। इनमें से अधिकांश फर्में कागजों पर ही अस्तित्व में थीं, धरातल पर इनका कोई अता-पता नहीं था।इन फर्जी फर्मों के जरिए भदोही, चंदौली, वाराणसी, सोनभद्र और आसपास के जिलों में लगभग 25 करोड़ रुपये के फर्जी लेन-देन किए गए। जांच एजेंसी ने सभी संलिप्त बैंक खातों को फ्रीज करा दिया है।

कानूनी कार्रवाई – Mastermind Bhola Prasad Jaiswal arrested from Kolkata

29 नवंबर 2025 को ड्रग इंस्पेक्टर राजेश मौर्य ने थाना रॉबर्ट्सगंज में भारतीय न्याय संहिता की धारा 27(ए), 29 और एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। आरोप है कि 1 मई 2024 से 23 अगस्त 2025 के बीच फेंसेडिल जैसी कोडीन युक्त नशीली कफ सिरप की 7,53,000 शीशियां अवैध रूप से बेची गईं।भोला प्रसाद जायसवाल चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर और सोनभद्र सहित कई जिलों में पहले से वांछित चल रहा था। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।

 Bhola Prasad Jaiswal arrested from Kolkata

नशीले कफ सिरप की बढ़ती तस्करी

पिछले कुछ सालों में पूर्वांचल में नशीले कफ सिरप की तस्करी तेजी से बढ़ी है। कोडीन आधारित ये सिरप नशे के लिए इस्तेमाल होते हैं और इनकी मांग युवाओं में खास तौर पर बढ़ी है। इनकी काला बाजारी से करोड़ों का कारोबार हो रहा है। सोनभद्र पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने इस धंधे को पूरी तरह खत्म करने का संकल्प लिया है और लगातार छापेमारी व गिरफ्तारियां की जा रही हैं।

पुलिस की तारीफ, लोगों में राहत

स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की जमकर तारीफ की है। रॉबर्ट्सगंज के व्यापारी संघ के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा, “कफ सिरप की यह तस्करी हमारे युवाओं को बर्बाद कर रही थी। पुलिस की सतर्कता से बड़ा नेटवर्क टूटा है। उम्मीद है अब यह धंधा पूरी तरह बंद हो जाएगा।”पुलिस अब भोला प्रसाद जायसवाल से पूछताछ कर उसके पूरे नेटवर्क, सप्लायर्स और खरीदारों की जानकारी जुटा रही है। आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।सोनभद्र पुलिस की इस मुहिम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है, चाहे वह देश में कहीं भी छिप जाएं।

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RMB News Desk

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